तुरंत भोजन करने से बचें
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तुरंत भोजन करने से बचें
पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म संपन्न करने के बाद तुरंत भोजन करने की परंपरा नहीं मानी जाती। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूजा के बाद पहले ब्राह्मण, गाय, कुत्ते, कौए और चींटियों के लिए अन्न निकालना या उन्हें भोजन कराना चाहिए। इसके बाद कुछ समय का अंतर रखते हुए भोजन ग्रहण करना उचित माना जाता है। मान्यता के अनुसार, श्राद्ध कर्म पूरी तरह संपन्न होने के करीब एक घंटे बाद भोजन किया जा सकता है।