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Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष कब से शुरू? यहां जानें श्राद्ध की तिथियां और सही विधि

Fri, 08 Aug 2025 01:42 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pitru Paksha Kab: पितृ पक्ष हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में आरंभ होता है और अमावस्या तिथि तक चलता है। यह काल धार्मिक रूप से इतना महत्वपूर्ण है कि लोग विशेष नियमों का पालन करते हुए श्राद्ध कर्म करते हैं।
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पितृ पक्ष - फोटो : amarujala
Pitru Paksha: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को अत्यंत पावन और श्रद्धा से जुड़ा समय माना जाता है। यह 16 दिवसीय अवधि पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए समर्पित होती है। मान्यता है कि इस समय पितरों का धरती पर आगमन होता है और वे अपने वंशजों से तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध की अपेक्षा रखते हैं। इन कर्मों से पितृ प्रसन्न होते हैं, जिससे पितृ दोष से मुक्ति और परिवार में सुख-शांति व समृद्धि की प्राप्ति होती है।
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पितृ पक्ष हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में आरंभ होता है और अमावस्या तिथि तक चलता है। यह काल धार्मिक रूप से इतना महत्वपूर्ण है कि लोग विशेष नियमों का पालन करते हुए श्राद्ध कर्म करते हैं। इस वर्ष पितृ पक्ष कब से आरंभ हो रहा है, श्राद्ध की तिथियाँ क्या हैं और किस तिथि पर किन पितरों का श्राद्ध किया जाता है । आइए जानते हैं विस्तार से।
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कब से शुरू हो रहा है पितृ पक्ष? - फोटो : freepik
कब से शुरू हो रहा है पितृ पक्ष?
पितृ पक्ष 2025 की शुरुआत 7 सितंबर, रविवार से हो रही है। भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि इस दिन देर रात 01:41 मिनट पर आरंभ होकर उसी रात 11:38 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। इसी के साथ श्राद्ध पक्ष की विधिवत शुरुआत मानी जाएगी। इस शुभ काल में श्रद्धापूर्वक पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म किए जाते हैं ताकि पितरों की आत्मा को शांति मिले। यह 16 दिवसीय पावन अवधि 21 सितंबर 2025, रविवार को "सर्व पितृ अमावस्या" के दिन पूर्ण होगी। इस अंतिम दिन उन समस्त पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है या जिनका श्राद्ध पूर्व तिथियों में नहीं किया जा सका हो।
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श्राद्ध तिथियां 2025
श्राद्ध तिथियां 2025
  • पूर्णिमा श्राद्ध 07 सितम्बर 2025, रविवार
  • प्रतिपदा श्राद्ध 08 सितम्बर 2025, सोमवार
  • द्वितीया श्राद्ध 09 सितम्बर 2025, मंगलवार
  • तृतीया श्राद्ध 10 सितम्बर 2025, बुधवार
  • चतुर्थी श्राद्ध  10 सितम्बर 2025, बुधवार
  • पञ्चमी श्राद्ध 11 सितम्बर 2025, बृहस्पतिवार
  • महा भरणी 11 सितम्बर 2025, बृहस्पतिवार
  • षष्ठी श्राद्ध 12 सितम्बर 2025, शुक्रवार
  • सप्तमी श्राद्ध 13 सितम्बर 2025, शनिवार
  • अष्टमी श्राद्ध 14 सितम्बर 2025, रविवार
  • नवमी श्राद्ध 15 सितम्बर 2025, सोमवार
  • दशमी श्राद्ध 16 सितम्बर 2025, मंगलवार
  • एकादशी श्राद्ध 17 सितम्बर 2025, बुधवार
  • द्वादशी श्राद्ध 18 सितम्बर 2025, बृहस्पतिवार
  • त्रयोदशी श्राद्ध 19 सितम्बर 2025, शुक्रवार
  • मघा श्राद्ध 19 सितम्बर 2025, शुक्रवार
  • चतुर्दशी श्राद्ध 20 सितम्बर 2025, शनिवार
  • सर्वपितृ अमावस्या 21 सितम्बर 2025, रविवार
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पितृ पक्ष 2025 - फोटो : adobe stock
पितृ पक्ष में किन बातों का रखें ध्यान
  • पितृ पक्ष के दिनों में केवल शुद्ध शाकाहारी और सात्विक भोजन करना चाहिए। तामसिक चीज़ें जैसे लहसुन, प्याज, मांस-मछली या मदिरा का सेवन वर्जित होता है।
  • इन पवित्र दिनों में शरीर की सजावट से जुड़ी गतिविधियाँ जैसे बाल कटवाना, शेविंग या नाखून काटना टालना चाहिए। इसे पितरों के सम्मान के विरुद्ध माना जाता है।
  • पितृ पक्ष में किसी भी प्रकार के मांगलिक या नए कार्यों की शुरुआत करना उचित नहीं होता, जैसे नया घर लेना, वाहन खरीदना, व्यापार आरंभ करना या विवाह आदि की योजना बनाना।
  • इन दिनों में व्यक्ति को संयम, श्रद्धा और भक्ति के साथ पूर्वजों का स्मरण करना चाहिए। दान, तर्पण और श्राद्ध कर्म के माध्यम से पितरों को तृप्त करने का प्रयास करें।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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