फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष के दौरान तर्पण कैसे करें? जानिए सही विधि और सामग्री

Tue, 09 Sep 2025 12:01 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Pitru Tarpan Vidhi:  पितरों का तर्पण करने के लिए सही विधि और पूजा सामग्री का ज्ञान होना आवश्यक है, ताकि यह कर्म सही ढंग से संपन्न हो सके। तर्पण के दौरान जल, तिल, कर्पूर और कुछ अन्य पवित्र वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है, जिनके बिना यह अनुष्ठान अधूरा माना जाता है।
विज्ञापन
1 of 5
पितृपक्ष 2025 - फोटो : अमर उजाला
Pitru Paksha me Tarpan Ki Vidhi: पितृपक्ष 2025 की शुरुआत 7 सितंबर, भाद्रपद पूर्णिमा से हो गई है। यह वह विशेष समय होता है जब हिंदू धर्म के अनुयायी अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध तथा तर्पण करते हैं। पितृपक्ष को धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस दौरान ऐसा माना जाता है कि हमारे पितर यानी पूर्वज इस धरती पर आते हैं। इसलिए इस पावन समय में उनकी पूजा-अर्चना और तर्पण करना शुभ और फलदायक माना जाता है। यह एक प्रकार से उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का भी माध्यम है।

पितरों का तर्पण करने के लिए सही विधि और पूजा सामग्री का ज्ञान होना आवश्यक है, ताकि यह कर्म सही ढंग से संपन्न हो सके। तर्पण के दौरान जल, तिल, कर्पूर और कुछ अन्य पवित्र वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है, जिनके बिना यह अनुष्ठान अधूरा माना जाता है। इसके साथ ही तर्पण करते समय मंत्रों का उच्चारण भी आवश्यक होता है, जिससे पितरों की आत्मा को शांति और मुक्ति मिलती है। इस लेख में हम आपको पितृपक्ष के दौरान तर्पण की विधि और जरूरी सामग्री के बारे में विस्तार से बताएंगे, जिससे आप इस पावन कार्य को सही तरीके से कर सकें।
विज्ञापन

2 of 5
पितृपक्ष में तर्पण कैसे करें? - फोटो : freepik
पितृपक्ष में तर्पण कैसे करें?
अगर आप पितृपक्ष के दौरान पितरों का तर्पण करने का मन बना रहे हैं, तो इसके लिए कुछ खास सामग्री आपके पास होनी चाहिए। इन वस्तुओं के साथ पूरे श्रद्धा और मनोयोग से तर्पण करने से आपके जीवन में शांति, सुख और समृद्धि का प्रवाह होता है। सही विधि और आवश्यक सामग्री के बिना यह अनुष्ठान अधूरा माना जाता है, इसलिए तैयारी पूरी रखना जरूरी है।
विज्ञापन

3 of 5
पितरों के तर्पण के लिए जरूरी सामग्री - फोटो : adobe stock
पितरों के तर्पण के लिए जरूरी सामग्री
  • शुद्ध जल
  • काले तिल
  • गाय का ताजा कच्चा दूध
  • जौ के दाने
  • दूर्वा घास (कुशा)
  • तांबे या पीतल का पात्र
  • स्वच्छ सफेद वस्त्र
  • पुरुषों के लिए धोती और जनेऊ
इन सभी चीज़ों को ध्यानपूर्वक और पवित्रता के साथ उपयोग में लाना चाहिए ताकि तर्पण का पुण्य सही रूप से प्राप्त हो सके।

4 of 5
तर्पण के बाद पितरों से आशीर्वाद लें और बचा हुआ जल किसी पेड़ या पवित्र जलाशय में प्रवाहित करें। - फोटो : freepik
तर्पण करने की विधि
  • तर्पण से पहले स्नान-ध्यान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • पुरुषों को इस दिन धोती और जनेऊ पहनना चाहिए।
  • तर्पण करते समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके एक स्वच्छ चौकी पर तिल, जौ और कुशा रखें और तांबे या पीतल के पात्र में जल भरें।
  • अपने पितरों के नाम लेकर संकल्प लें ।
  • फिर कुशा और तिल को दाहिने हाथ में, जल के पात्र को बाएं हाथ में लेकर पितरों को तर्पण करें।
  • इस दौरान मंत्र का उच्चारण करें: “ॐ (पितरों का नाम) गोत्राय शर्मा नमः तर्पयामि।”
  • तर्पण के बाद पितरों से आशीर्वाद लें और बचा हुआ जल किसी पेड़ या पवित्र जलाशय में प्रवाहित करें।
  • इस विधि से किए गए तर्पण से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और उनका आशीर्वाद आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पितृपक्ष में तर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। - फोटो : सोशल मीडिया
पितृपक्ष में तर्पण के लाभ
पितृपक्ष में तर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं, करियर और व्यवसाय की समस्याएं दूर होती हैं। खासकर अगर आप पितृ दोष से प्रभावित हैं, तो पितरों की पूजा और तर्पण करने से आपको विशेष लाभ मिलते हैं। इसलिए इस पावन समय पर तर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें