श्राद्ध पक्ष में कब करें तर्पण, पिंडदान और पंचबलि कर्म?
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1. अपराह्न काल: शास्त्रों के अनुसार श्राद्ध कर्म अपराह्न काल में करना चाहिए। अपराह्न काल दोपहर 12 बजे के बाद से शुरू होकर, शाम ढलने या सूर्यास्त होने से पहले तक के समय को कहते हैं।