पितृपक्ष 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
कैसे करते हैं पिंडदान या श्राद्ध
पितरों का तर्पण करने के लिए दूध, तिल, कुशा, पुष्प, गंध आदि चीजों के जल में मिलाकर पितरों को तृप्त करने के लिए अर्पित किया जाता है। पिण्डदान करके और ब्राह्मणों को भोजन कराके पितरों को भोजन दिया जाता है, ब्राह्मणों को वस्त्रदान किया जाता है मान्यता है कि इससे पितरों को भी वस्त्र की प्राप्ति होती है। उसके बाद दक्षिणा दी जाती है क्योंकि बिना दक्षिणा के श्राद्ध को अधूरा माना जाता है। दक्षिणा देने पर श्राद्ध के पूर्ण फल की प्राप्ति होती है। पितृपक्ष में कम से कम अपने पितरों का जल से तर्पण अवश्य करना चाहिए, इससे पितरों को पानी प्राप्त होता है और प्यास बुझती है।