पितृ पक्ष में दाढ़ी-बाल न कटवाने के धार्मिक कारण
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पितृ पक्ष में बाल और दाढ़ी न रखने के धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों कारण हैं। यह परंपरा हमें अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देती है। साथ ही इसका हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पितृपक्ष के दौरान शाकाहारी भोजन करना चाहिए और तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। इस दौरान दान पुण्य का काम भी किया जाना चाहिए। पितरों के निमित्त श्राद्ध कर्म करना बहुत महत्वपूर्ण होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।