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paush putrada ekadashi 2021: इस दिन है पौष पुत्रदा एकादशी, जानिए इसका महत्व, तिथि और व्रत विधि

Fri, 15 Jan 2021 10:49 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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lord vishnu - फोटो : (demo pic)
हर माह में दो एकादशी पड़ती हैं इसी तरह से साल में 24 एकादशी का व्रत किया जाता है। एकादशी का व्रत सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना जाता है। इसी तरह से पौष माह में शुक्ल पक्ष की ग्याहरवीं तिथि (एकादशी) को पौष पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। इस बार पौष पुत्रदा एकादशी 24 जनवरी 2021 को किया जाएगा। इस दिन जगत के पालनकर्ता भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन पूरे विधि विधान और सच्चे हृदय से भगवान विष्णु का पूजन करने से सभी सुखों की प्राप्ति होती है। तो चलिए जानते हैं, पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व तिथि और व्रत पूजा विधि...

 
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भगवान विष्णु (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व
एकादशी तिथियों में पुत्रदा एकादशी का भी विशेष स्थान है। निसंतान दंपतियों के लिए यह व्रत एक बहुत महत्व रखता है। यह व्रत संतान प्राप्ति और संतान उन्नत्ति की कामना के लिए किया जाता है। माना जाता है कि जो भी व्यक्ति पूरी श्रद्धा, नियम और विधि-विधान से पुत्रदा एकादशी का व्रत करते हैं उन्हें योग्य संतान की प्राप्ति होती है, इसी कारण इसे पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। पौष माह में पड़ने के कारण इसे पौष पुत्रदा एकादशी कहते हैं। 


 
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lord vishnu
पौष पुत्रदा एकादशी व्रत, पूजा विधि
  • हर एकादशी तिथि की तरह पौष पुत्रदा एकादशी व्रत के नियम भी  दशमी तिथि से ही आरंभ हो जाते हैं। इसलिए यदि आप एकादशी का व्रत करने जा रहे हैं तो दशमी तिथि को दूसरे प्रहर का भोजन करने के बाद सूर्यास्त के बाद भोजन न करें।  
  • दशमी तिथि को सात्विक भोजन ही ग्रहण करें और ब्रह्मचार्य का पालन करें।
  • एकादशी तिथि को प्रातःकाल जल्दी उठें और स्नानादि करने के पश्चात भगवान का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प करें। 
  • व्रत का संकल्प करने के बाद गंगा जल, तुलसी दल, तिल, फूल पंचामृत से भगवान विष्णु नारायण की पूजा करनी चाहिए।
  •  इस व्रत को निर्जला यानि बिना जल के किया जाता है। यदि विशेष परिस्थितियों में व्रती की क्षमता नहीं है तो संध्या काल में दीपदान के पश्चात फलाहार किया जा सकता है।
  • एकादशी के व्रत का पारण अगले दिन यानि द्वादशी तिथि पर किया जाता है।
  • द्वादशी तिथि पर भी प्रातः जल्दी स्नानादि से निवृत्त होने के बाद पूजन करें और भोजन बनाएं। उसके बाद किसी जरुरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को सम्मान पूर्वक भोजन कराएं और दान-दक्षिणा देकर विदा करें। उसके बाद स्वयं भी व्रत का पारण करना चाहिये।
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पौष पुत्रदा एकादशी तिथि, मुहूर्त 2021
एकादशी तिथि आरंभ- 23 जनवरी को रात 08 बजकर 56 मिनट से 
एकादशी तिथि समाप्त- 24 जनवरी रात 10 बजकर 57 मिनट तक
पौष पुत्रदा एकादशी पारणा मुहूर्त- 25 जनवरी 2021 को सुबह 07 बजकर 49 मिनट से 09 बजकर 06 मिनट तक रहेगा। 
पारण की कुल अवधि- 2 घंटे 8 मिनट
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