भगवान विष्णु (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व
एकादशी तिथियों में पुत्रदा एकादशी का भी विशेष स्थान है। निसंतान दंपतियों के लिए यह व्रत एक बहुत महत्व रखता है। यह व्रत संतान प्राप्ति और संतान उन्नत्ति की कामना के लिए किया जाता है। माना जाता है कि जो भी व्यक्ति पूरी श्रद्धा, नियम और विधि-विधान से पुत्रदा एकादशी का व्रत करते हैं उन्हें योग्य संतान की प्राप्ति होती है, इसी कारण इसे पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। पौष माह में पड़ने के कारण इसे पौष पुत्रदा एकादशी कहते हैं।