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Papmochani Ekadashi 2026: पापमोचनी एकादशी कल, जानें पूजा विधि, मंत्र-मुहूर्त और पारण का समय

Sat, 14 Mar 2026 12:04 PM IST
Shweta Singh ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

भविष्योत्तर पुराण में भी इस एकादशी के महत्त्व का उल्लेख किया गया है। इस भगवान विष्णु के चतुर्भुज रूप की पूजा की जाती है।
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Papmochani Ekadashi 2026 - फोटो : अमर उजाला
Papmochani Ekadashi Vrat 2026:  चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन पापमोचनी एकादशी मनाई जाती है। साल में 24 एकादशी  व्रत होते हैं । हर व्रत का अपना महत्व है। पापमोचनी एकादशी सबसे विशेष मानी जाती है। ये हिन्दू वर्ष विक्रम संवत की अंतिम एकादशी है इसलिए ये काफी महत्वपूर्ण  है। भविष्योत्तर पुराण में भी इस एकादशी के महत्त्व का उल्लेख किया गया है। इस भगवान विष्णु के चतुर्भुज रूप की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत करने से सभी को कष्टों से मुक्ति मिलती है और घर धन-धान्य से पूर्ण रहता है। आइए जानते हैं पापमोचनी एकादशी की तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि से लेकर खास बातें। 
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Papmochani Ekadashi 2026 - फोटो : freepik
पापमोचनी एकादशी तिथि 
  • चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि आरंभ: 14 मार्च, प्रातः 08:10 मिनट पर 
  • चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि  समाप्त:15 मार्च, प्रातः 09:16 मिनट पर 
  • उदयातिथि के कारण एकादशी व्रत 15 मार्च को रखा जाएगा। 
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Papmochani Ekadashi 2026 - फोटो : अमर उजाला
पापमोचनी एकादशी पारण समय 
द्रिक पंचांग के अनुसार  व्रत पारण का समय: 16 मार्च , प्रातः 06:30 से प्रातः 08:54 तक 
द्वादशी तिथि समाप्त होने का समय -16 मार्च , प्रातः 09:40 

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Papmochani Ekadashi 2026 - फोटो : adobe
पापमोचनी एकादशी व्रत विधि 
  • एकादशी से एक दिन पूर्व यानी 14 मार्चको सात्विक भोजन ग्रहण करें और ब्रह्मचर्य का पालन करें। 
  • एकादशी के दिन यानी 15 मार्च, रविवार की ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत होकर पूजा पाठ करें और व्रत का संकल्प लें। 
  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र को एक चौकी पर स्थापित करें। 
  • इसके बाद उनके समक्ष शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
  • भगवान विष्णु की तस्वीर पर रोली, माला आदि अर्पित करें। 
  • पूजा के दौरान ऊं नमो वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करते रहें।
  • इसके बाद भगवान को भोग लगाएं और आरती करें। 
  • अगले दिन यानी 16 मार्च को एक बार फिर से भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें।
  • फिर व्रत का विधि पूर्वक पारण करें। 
  • ब्राह्मणों को घर बुलाकर भोजन करवाएं और दान-दक्षिणा देकर आशीर्वाद लें। 
  • उनके जाने के बाद स्वयं भोजन करें।
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Papmochani Ekadashi 2026 - फोटो : adobe
पापमोचनी एकादशी पर करें इन मंत्रों का जाप
  • ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
  • ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।।
  • ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।।
  • ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान। यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्टं च लभ्यते।।
  • ॐ श्रीं ह्रीं पूर्ण गृहस्थ सुख सिद्धये ह्रीं श्रीं ॐ नमः ।।

 
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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