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पापांकुशा एकादशी पर जरूर करें तुलसी पूजा, जानिए क्यों भगवान विष्णु को प्रिय है तुलसी

Thu, 01 Oct 2026 12:57 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

पापांकुशा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है। इस दिन तुलसी पूजा और भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करने का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। जानिए  पापांकुशा एकादशी कब है और तुलसी से जुड़े कौन से उपाय किए जा सकते हैं।
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पापंकुशा एकादशी 2026 - फोटो : amar ujala

हिंदू पंचांग के अनुसार पापांकुशा एकादशी का व्रत आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापांकुशा एकादशी का व्रत रखने और भगवान विष्णु की विधि-विधान से आराधना करने से व्यक्ति को पाप कर्मों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इस एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा के साथ तुलसी का भी विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक परंपरा में तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है। यही वजह है कि विष्णु पूजा में तुलसी दल अर्पित करने के साथ इस दिन तुलसी के पौधे की पूजा करना भी शुभ माना जाता है।

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एकादशी तिथि की शुरुआत 21 अक्तूबर 2026 को दोपहर 2:11 बजे होगी और इसका समापन 22 अक्तूबर को दोपहर 2:47 बजे होगा। - फोटो : freepik

कब है पापांकुशा एकादशी?
द्रिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्तूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। एकादशी तिथि की शुरुआत 21 अक्तूबर 2026 को दोपहर 2:11 बजे होगी और इसका समापन 22 अक्तूबर को दोपहर 2:47 बजे होगा। उदया तिथि के आधार पर व्रत 22 अक्तूबर को रखा जाएगा। व्रत का पारण अगले दिन यानी 23 अक्तूबर 2026 को सुबह 6:27 बजे से 8:42 बजे तक किया जा सकता है।

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विष्णु जी की पूजा में तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। - फोटो : Adobe Stock

पापांकुशा एकादशी पर तुलसी क्यों है खास?
धार्मिक मान्यताओं में तुलसी का संबंध भगवान विष्णु से माना जाता है। विष्णु जी की पूजा में तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। इसी कारण पापांकुशा एकादशी के दिन भी भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि तुलसी को भगवान विष्णु को अर्पित करने से पूजा का विशेष महत्व बढ़ जाता है। इस दिन श्रद्धालु तुलसी के पौधे की पूजा करके भगवान विष्णु से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना भी करते हैं।

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तुलसी के पास जलाएं घी का दीपक - फोटो : adobe stock

तुलसी के पास जलाएं घी का दीपक
पापांकुशा एकादशी की शाम तुलसी के पौधे के समीप घी का दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, दीपक जलाकर तुलसी को प्रणाम करने और भगवान विष्णु का स्मरण करने से घर में सकारात्मक वातावरण की कामना की जाती है। इसके बाद परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की जा सकती है।

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भगवान विष्णु को अर्पित करें तुलसी दल - फोटो : Adobe stock

भगवान विष्णु को अर्पित करें तुलसी दल
एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय उन्हें तुलसी के पत्ते अर्पित किए जाते हैं। फूल, धूप, दीप और नैवेद्य के साथ तुलसी दल अर्पित करना विष्णु पूजा की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है।

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तुलसी के सामने दीपक जलाकर भगवान विष्णु का ध्यान करें - फोटो : Instagram

तुलसी के पौधे की करें पूजा
सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर तुलसी के पौधे की पूजा की जा सकती है। तुलसी के सामने दीपक जलाकर भगवान विष्णु का ध्यान करें और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन तुलसी पूजन को विशेष फलदायी माना जाता है।

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धार्मिक कार्यों में मन लगाने से व्यक्ति को अपने पाप कर्मों से मुक्ति पाने में सहायता मिलती है। - फोटो : adobe

क्या है पापांकुशा एकादशी की धार्मिक मान्यता?
पापांकुशा एकादशी को लेकर धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में विशेष मान्यताएं बताई गई हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने, भगवान विष्णु की आराधना करने और धार्मिक कार्यों में मन लगाने से व्यक्ति को अपने पाप कर्मों से मुक्ति पाने में सहायता मिलती है। इसी मान्यता के कारण इसे 'पापांकुशा' एकादशी कहा जाता है। श्रद्धालु इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के माध्यम से पुण्य अर्जित करने तथा मोक्ष की प्राप्ति की कामना करते हैं। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं और इनके परिणामों को आस्था एवं परंपरा के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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