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Padmini Ekadashi 2026: ज्येष्ठ माह की दूसरी एकादशी कब? जानें तिथि, मुहूर्त, पारण का समय और धनलाभ के उपाय

Thu, 21 May 2026 12:44 AM IST
Shweta Singh धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Padmini Ekadashi 2026: पद्मिनी एकादशी की सही तिथि को लेकर लोगों में भ्रम बना हुआ है। ऐसे में जानिए मई 2026 में पद्मिनी एकादशी कब मनाई जाएगी। साथ ही पढ़ें व्रत का शुभ मुहूर्त। पूजा विधि और पारण समय की पूरी जानकारी।
 
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padmini ekadashi - फोटो : amar ujala
Padmini Ekadashi: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु की आराधना और व्रत-उपवास के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी व्रत रखने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि तथा सकारात्मकता का आगमन होता है। हर महीने दो एकादशी पड़ती हैं और सालभर में कुल 24 एकादशी व्रत रखे जाते हैं। ज्येष्ठ माह में आने वाली पद्मिनी एकादशी को लेकर इस बार लोगों के बीच तिथि संबंधी भ्रम बना हुआ है। कई लोग इसकी सही तारीख और पूजा के शुभ समय को लेकर असमंजस में हैं। ऐसे में आइए जानते हैं पद्मिनी एकादशी 2026 की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, व्रत पारण समय और भगवान विष्णु की पूजा विधि के बारे में विस्तार से।
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कब है पद्मिनी एकादशी 2026? - फोटो : Adobe Stock
कब है पद्मिनी एकादशी 2026?
  • ज्येष्ठ अधिकमास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि आरंभ:  26 मई, प्रातः 5:10 मिनट पर 
  • ज्येष्ठ अधिकमास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि समाप्त: 27 मई, प्रातः 6:21 मिनट पर 
  • उदया तिथि के आधार पर पद्मिनी एकादशी का व्रत 27 मई 2026, बुधवार को रखा जाएगा। 
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पद्मिनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त - फोटो : Adobe Stock
पद्मिनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः  4:03 से प्रातः 4:44 बजे तक 
  • लाभ-उन्नति मुहूर्त: प्रातः 5:25 से प्रातः 7:08 बजे तक 
  • अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: प्रातः 7:08 से प्रातः 8:52 बजे तक 
  • शुभ-उत्तम मुहूर्त: प्रातः 10:35 से दोपहर 12:18 बजे तक 

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पद्मिनी एकादशी पूजा विधि - फोटो : freepik
पद्मिनी एकादशी पूजा विधि 
  • पद्मिनी एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए व्रत रखने का संकल्प लें।
  • पूजा स्थान को गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें।
  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर को पूजा स्थल पर स्थापित करें।
  • घी या तेल का दीपक जलाकर पूजा आरंभ करें।
  • भगवान विष्णु को जल। पीले फूल। फल और तुलसी दल अर्पित करें।
  • पूजा के दौरान विष्णु सहस्रनाम और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
  • दिनभर सात्विक भोजन करें और मन में भगवान विष्णु का ध्यान बनाए रखें।
  • शाम के समय विधि-विधान से भगवान विष्णु की आरती करें।
  • अगले दिन द्वादशी तिथि में शुभ समय पर व्रत का पारण करें।
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पद्मिनी एकादशी व्रत पारण मुहूर्त 2026 - फोटो : freepik
पद्मिनी एकादशी व्रत पारण मुहूर्त 2026
  • व्रत पारण का शुभ समय: 28 मई, प्रातः 05: 25 से प्रातः 07:56 मिनट 
  • पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय प्रातः  07:56 मिनट है। 
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पद्मिनी एकादशी पर करें ये उपाय - फोटो : adobe stock
पद्मिनी एकादशी पर करें ये उपाय
  • पद्मिनी एकादशी के दिन शाम के समय पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें और दीपक जलाएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। ऐसा करने से आर्थिक समस्याएं दूर हो सकती हैं और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
  • इस शुभ दिन भगवान विष्णु को दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल भरकर स्नान कराना अत्यंत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। साथ ही श्री सूक्त का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पद्मिनी एकादशी पर भगवान विष्णु का केसर मिले दूध से अभिषेक करना बहुत लाभकारी माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से भक्त की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सकारात्मकता आती है।


 डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।  
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