Nirjala Ekadashi Upay: हिंदू धर्म में प्रत्येक तिथि और वार का अपना विशेष महत्व होता है। हर महीने में दो एकादशी तिथियां आती हैं, एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में। हालांकि सभी एकादशियों का धार्मिक महत्व है, लेकिन साल भर में आने वाली 24 एकादशियों में निर्जला एकादशी को सबसे खास माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उन्हें विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
निर्जला एकादशी का व्रत जीवन में सकारात्मकता, सुख-शांति और समृद्धि लेकर आता है। यह व्रत न केवल इच्छाओं की पूर्ति करता है, बल्कि परिवार में खुशहाली और मानसिक संतुलन भी प्रदान करता है। एकादशी के दिन तुलसी पूजन का विशेष महत्व माना गया है। यदि ज्येष्ठ माह की अंतिम एकादशी पर तुलसी से जुड़े कुछ उपाय किए जाएं, तो आने वाला समय सुखद और समृद्ध हो सकता है।