फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आस्था: शिव भक्तों को भगवान भोले की पूजा में नहीं करनी चाहिए ऐसी 7 गलतियां

Wed, 21 Nov 2018 12:22 PM IST
धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 8
शिवलिंग पूजा
भगवान शिव के कई नाम है। जिसमें से एक नाम भोले भी है। भगवान शिव का भोले नाम इसलिए पड़ा क्योंकि भगवान शिव जितनी जल्दी प्रसन्न होते हैं उतनी जल्दी ही क्रोधित भी हो उठते हैं। शिवपुराण के अनुसार भगवान शिव की आराधना करने से अकाल मृत्यु समेत कुंडली के तमाम तरह के दोषों का निवारण हो जाता है। भगवान शंकर को प्रसंन करने के लिए भक्त शिवलिंग पर कई चीजें अर्पित करते हैं, लेकिन कई बार भूलवश ऐसी चीजें चढ़ा देते हैं जिसे शास्त्रों में वर्जित माना गया है।
विज्ञापन

2 of 8
शंख का प्रयोग
हिंदू धर्म में हर शुभ काम और पूजा-पाठ में शंख का प्रयोग शुभ माना जाता है लेकिन भगवान शिव की पूजा में शंख का इस्तेमाल वर्जित माना गया। दरअसल इसके पीछे एक कथा है जिसके अनुसार भगवान शिव ने शंखचूड़ नाम के असुर का वध किया था, जो भगवान विष्णु का अनन्य भक्त था। शंख को उसी असुर का प्रतीक माना जाता है। इसलिए भगवान की पूजा में शंख का प्रयोग नहीं किया जाता।
विज्ञापन

3 of 8
तुलसी के पत्तों का प्रयोग
हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत शुभ माना गया है। सभी तरह के शुभ कार्यों में तुलसी के पत्तों का प्रयोग किया जाता है। लेकिन तुलसी के पत्तों को शिवलिंग पर चढ़ाना मना है। दरअसल भगवान शिव ने तुलसी के असुर पति का वध किया कर दिया था। ऐसे में कई बार लोग भूलवश भोलेनाथ की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल करते हैं जिस वजह से उनकी पूजा पूरी नहीं मानी जाती।

4 of 8
तिल का प्रयोग
हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत शुभ माना गया है। सभी तरह के शुभ कार्यों में तुलसी के पत्तों का प्रयोग किया जाता है। लेकिन तुलसी के पत्तों को शिवलिंग पर चढ़ाना मना है। दरअसल भगवान शिव ने तुलसी के असुर पति का वध किया कर दिया था। ऐसे में कई बार लोग भूलवश भोलेनाथ की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल करते हैं जिस वजह से उनकी पूजा पूरी नहीं मानी जाती।
विज्ञापन

5 of 8
अक्षत
भगवान शिव को अक्षत यानी चावल अर्पित किए जाने के बारे में शास्त्रों में लिखा है। टूटा हुआ चावल अपूर्ण और अशुद्ध होता है इसलिए यह शिवलिंग पर नहीं चढ़ता।
विज्ञापन

6 of 8
सिंदूर
शिवलिंग पर भूलकर भी सिंदूर या कुमकुम नहीं चढ़ना चढ़ना चाहिए। कुमकुम सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है जबकि भगवान शिव वैरागी हैं इसलिए शिव जी को कुमकुम नहीं चढ़ना चाहिए।
विज्ञापन

7 of 8
हल्दी
हल्दी का संबंध भी सौभाग्य से होता है इसलिए यह भगवान शिव को नहीं चढ़ाया जाता।
विज्ञापन

8 of 8
नारियल
कभी भी शिवलिंग पर नारियल के पानी से अभिषेक नहीं करना चाहिए। नारियल देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है इसलिए शिव जी को नहीं चढ़ता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें