चैत्र नवरात्रि 2026
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इसलिए हर भक्त अपने स्वास्थ्य, दिनचर्या और आध्यात्मिक क्षमता के अनुसार व्रत का तरीका चुन सकते हैं। अगर कोई व्यक्ति दिन में एक बार भोजन करता है, फलाहार करता है या केवल फल और पानी का सेवन करता है, तो यह सब उसकी श्रद्धा और सामर्थ्य पर निर्भर करता है।
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