पितृ पक्ष के जाते ही अश्विन शुक्ल की प्रतिपदा से नवरात्रारंभ हो जाता है। नवरात्रि 21 सितंबर 2017 से शुरू हो रहे है। इन नौ दिनों में अगर आप इन नौ चीजों से मां जगदंबा की पूजा करेंगे तो कामना सिद्धि होगी। जिसमें मां भगवती की पूजा पाठ के साथ सिद्धि साधना होती है।
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गौ घृत
नवरात्रि के पहले दिन प्रतिपदा को गौ घृत से षोडशौपचार पूजा कर गौ धृत अपर्ण करें। इससे आरोग्य लाभ होता है।
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शक्कर
द्वितीया तिथि को शक्कर का भोग उसे दान करें। शक्कर का दान दीर्घायु कारक होता है।
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दूध
तृतीया तिथि को दूध की प्रधानता होती है। पूजन में दूध का उपयोग कर उसे ब्राह्मण को दान करें। दूध का दान दुखों से मुक्ति का परम साधन होता है।
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मालपुआ
चतुर्थी तिथि को मालपुआ का नैवेद्य अर्पण करें। सुयोग्य ब्राह्मण को दान करें। इससे बुद्धि का विकास होता है। निर्णय शक्ति में असाधारण विकास होता है।
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केले
पंचमी तिथि को केले का नैवेद्य चढ़ावें प्रसाद ब्राह्मण को दान करें। इससे बुद्धि का विकास होता है। निर्णय शक्ति में असाधारण विकास होता है।
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मधु
षष्ठी तिथि को मधु का विशेष महत्व है। मधु से पूजन कर ब्राह्मण को दान करने से स्वरूप में आकर्षण का उदय होता है और सुंदरता में वृद्धि होती है।
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गुड़
सप्तमी तिथि को गुड़ का नैवद्य अर्पण ब्राह्मण को करना शोक मुक्ति का कारक है। गुड़ दान से आकस्मिक विपत्ति से रक्षा होती है।
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नारियल
अष्टमी तिथि को नारियल का भोग लगाना और नारियल का दान करना संताप रक्षक है। किसी भी प्रकार की पीड़ा का शमन होता है।
नवमी तिथि को धान के लावा से पूजा करना चाहिए। धान के दान करने से लोक परलोक का सुख प्राप्त होता है। दशम तिथि को काले तिल का नैवेद्य का अर्पण का दान करने से परलोक का भय नहीं होता है।