सितंबर महीने का आखिरी नौ दिन देवी मां दुर्गा को समर्पित होगा। 21 सितंबर 2017 से शारदीय नवरात्रि का आरम्भ होने जा रहा है। देवी के भक्तों के लिए नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के नौ स्वरूपों की आराधना और पूजा की जाती है। इस बार के नवरात्रि में कुछ संयोग बन रहा है जिससे इस नवरात्रि का महत्व और बढ़ गया है।
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शारदीय नवरात्रि
वैसे तो साल में दो बार नवरात्रि आता है एक चैत्र मास में दूसरा सितंबर-अक्टूबर में शारदीय नवरात्रि। इस बार 21 सितंबर से शुरू होने जा रहे शारदीय नवरात्रि हस्त नक्षत्र में शुरू होंगे जो काफी अच्छा माना जाता है।
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शारदीय नवरात्रि
ज्योतिषाचार्य के अनुसार नवरात्रि का हस्त नक्षत्र में प्रारम्भ होने से घट स्थापना का विशेष महत्व होता है। इस मुहूर्त में घट स्थापना से मां की विशेष कृपा मिलती है और परेशानियों से मुक्ति मिल जाएगी।
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शारदीय नवरात्रि
इस बार के नवरात्रि में एक और शुभ संयोग बन रहा है। कोई भी दो तिथि किसी एक दिन नहीं पड़ेगी यानि कि इस बार का नवरात्रि का पर्व पूरे नौ दिनों तक चलेगा और दसवें दिन विजयदशमी मनाई जाएगी।
इस बार कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त भी खास होगा। हस्त नक्षत्र और सूर्य-चंद्रमा का कन्या राशि में होंगे जिसके चलते कलश स्थापना सुबह 11 बजकर 36 मिनट से 12 बजकर 24 मिनट के बीच का शुभ होगा।