जिस तरह से नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है ठीक उसी प्रकार नवरात्रि के सप्तमी तिथि से कन्या पूजन भी शुरू हो जाता है। नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। कन्या पूजन के बिना नवरात्रि का पूरा फल प्राप्ति नहीं होता है। अष्टमी और नवमी के दिन कन्याओं को नौ देवी का रूप मानकर घर में इनका स्वागत-सत्कार किया जाना चाहिए।