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नवरात्रि भोग लिस्ट: नवरात्रि में किस दिन क्या चढ़ाएं? जानें मां दुर्गा के 9 स्वरूपों के भोग की पूरी लिस्ट

Tue, 06 Oct 2026 11:47 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हर दिन देवी को विशेष भोग अर्पित करने का विधान है। आइए जानते हैं नवरात्रि के 9 दिनों में किस स्वरूप को कौन सा भोग चढ़ाना शुभ माना जाता है।
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नवरात्रि के 9 दिनों के लिए भोग - फोटो : Amar ujala

Navratri 9 Days Bhog: नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान भक्त व्रत-उपवास रखने के साथ देवी मां की विधि-विधान से आराधना करते हैं। पूजा में भोग और प्रसाद का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के प्रत्येक दिन देवी के अलग स्वरूप को उनकी प्रिय मानी जाने वाली चीजों का भोग अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक देवी को भोग लगाने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की परेशानियों से राहत मिलती है। कई भक्त नौ दिनों तक अलग-अलग प्रसाद तैयार करके देवी को अर्पित करते हैं और बाद में इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण या दान करते हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि के नौ दिनों में किस देवी को कौन सा भोग अर्पित किया जाता है और इससे जुड़ी क्या मान्यताएं हैं।

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इस दिन देवी को गाय के शुद्ध घी का भोग लगाने की परंपरा बताई गई है। - फोटो : Adobe Stock

पहला दिन: मां शैलपुत्री को घी का भोग
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन देवी को गाय के शुद्ध घी का भोग लगाने की परंपरा बताई गई है। मान्यता के अनुसार, मां शैलपुत्री को घी अर्पित करने से आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना पूरी होती है। भक्त श्रद्धा के साथ देवी को घी अर्पित कर प्रसाद ग्रहण करते हैं।

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मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर, मिश्री या पंचामृत का भोग लगाया जाता है। - फोटो : adobe stock

दूसरा दिन: मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर और मिश्री
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना होती है। इस दिन देवी को शक्कर, मिश्री या पंचामृत का भोग लगाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी को मीठी चीजों का भोग लगाने और उसका दान करने से दीर्घायु और मानसिक शांति की कामना की जाती है।

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खीर को विशेष रूप से देवी को अर्पित किया जाता है। - फोटो : instagram

तीसरा दिन: मां चंद्रघंटा को खीर
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। इस दिन दूध और दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाने की परंपरा है। खीर को विशेष रूप से देवी को अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि मां चंद्रघंटा को दूध से बने प्रसाद का भोग लगाने से जीवन में सुख-शांति आती है और नकारात्मक परिस्थितियों से राहत मिलती है।

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इस दिन देवी को मालपुए का भोग लगाने की मान्यता है। - फोटो : Instagram

चौथा दिन: मां कूष्मांडा को मालपुआ
चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। इस दिन देवी को मालपुए का भोग लगाने की मान्यता है। पूजा के बाद मालपुए का प्रसाद जरूरतमंदों या योग्य व्यक्ति को दान करने की परंपरा भी बताई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे बुद्धि और विवेक में वृद्धि की कामना की जाती है।

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इस दिन देवी को केले का भोग लगाया जाता है। - फोटो : Freepil.com

पांचवां दिन: मां स्कंदमाता को केले का भोग
नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना की जाती है। इस दिन देवी को केले का भोग लगाया जाता है। पूजा के बाद केले को प्रसाद के रूप में बांटने की परंपरा है। मान्यता के अनुसार, मां स्कंदमाता को केले का भोग अर्पित करने से सद्बुद्धि और सुख-समृद्धि की कामना पूरी होती है।

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इस दिन देवी को शहद अर्पित करने की परंपरा बताई गई है। - फोटो : इंस्टाग्राम

छठा दिन: मां कात्यायनी को शहद
छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस दिन देवी को शहद अर्पित करने की परंपरा बताई गई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाने से जीवन में मधुरता और सकारात्मकता आती है। भक्त श्रद्धा के साथ शहद अर्पित कर उसका प्रसाद ग्रहण करते हैं।

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इस दिन देवी को गुड़ का भोग लगाया जाता है। - फोटो : Adobe Stock

सातवां दिन: मां कालरात्रि को गुड़
नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है। इस दिन देवी को गुड़ का भोग लगाया जाता है। मान्यता के अनुसार, मां कालरात्रि को गुड़ अर्पित करने से भय और नकारात्मकता से मुक्ति की कामना की जाती है। पूजा के बाद गुड़ का प्रसाद बांटना भी शुभ माना जाता है।

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इस दिन देवी को नारियल का भोग लगाने की परंपरा है। - फोटो : Freepik

आठवां दिन: मां महागौरी को नारियल
अष्टमी तिथि पर मां महागौरी की पूजा की जाती है। इस दिन देवी को नारियल का भोग लगाने की परंपरा है। कई स्थानों पर नारियल को देवी को अर्पित करने के बाद प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां महागौरी को नारियल चढ़ाने से मनोकामना पूरी होने और परिवार में सुख-शांति की कामना की जाती है।

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इस दिन देवी को हलवा, चना, पूरी, खीर और पुए जैसे प्रसाद का भोग लगाने की परंपरा है। - फोटो : iStock

नौवां दिन: मां सिद्धिदात्री को अनाज और हलवा-पूरी
नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन देवी को हलवा, चना, पूरी, खीर और पुए जैसे प्रसाद का भोग लगाने की परंपरा है। इसके बाद प्रसाद को कन्याओं, जरूरतमंदों और अन्य लोगों में बांटा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना पूरी होती है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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