फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवरात्रि 2017: उपवास में नींबू पानी के साथ शाम को ये चीज खाते हैं पीएम मोदी

Fri, 22 Sep 2017 02:08 PM IST
amarujala.com- Presented by: किरण सिंह
विज्ञापन
1 of 5
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। देशभर में माता के जयकारे गूंज रहे हैं। 21 सितंबर से शुरू हुए नवरात्रि 29 सितंबर को खत्म होंगे। इन दिन भक्त कड़े नियमों का पालन करते हुए उपवास रखते हुए हैं। कई लोग फलाहार उपवास रखते हैं तो कुछ निर्जला व्रत भी रखते हैं। आम लोग माता की पूजा-अर्चना करके, मंदिर जाकर आदि तरह से नवरात्रि मनाते हैं। ऐसे में हमेशा से ही लोगों में जानने की इच्छा रहती है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नवरात्रि कैसे मनाते हैं। वो किस तरह से उपवास रखते हैं।  
 
पढ़ें- नवरात्रि 2017: 9 दिनों तक देवी के इन स्वरूपों की करें आराधना,पूरी होगी हर मनोकामना
विज्ञापन

2 of 5
पीएम मोदी पिछले 40 वर्षों से दोनों नवरात्रि (चैत्र और शारदीय नवरात्रि) पर व्रत रखते हुए आ रहे हैं। पीएम मोदी सिर्फ प्रतिपदा और नवमी को ही उपवास नहीं रखते, बल्कि पूरे नौ दिन उपवास पर रहते हैं और सख्ती से नियमों का पालन भी करते हैं। जिसका उदाहरण 2014 में अमेरिका में देखने को मिला।
विज्ञापन

3 of 5
जब मोदी नवरात्रि के समय यानी सितंबर में अमेरिकी दौरे पर गए थे। उस समय अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने व्हाइट हाउस में शानदार दावत दी थी। उस समय पीएम मोदी ने ने नियमों का पालन करते हुए सिर्फ नींबू पानी ही पीया। पीएम मोदी नवरात्रि में अपनी डाइट का खास ध्यान रखते हैं।

ये भी पढ़ें- नवरात्रि में बोए जाते हैं जौ, मां दुर्गा देती हैं भविष्य के संकेत

4 of 5
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उपवास में पीएम मोदी शाम के समय नींबू पानी के साथ सिर्फ कुछ चुनिंदा फल ही खाते हैं। नवरात्रि में उपवास को लेकर 2012 में पीएम मोदी ने अपने ब्लॉग  में बताया था कि एक बार टीचर्स डे पर एक छोटी सी लड़की ने उनसे नवरात्रि उपवास के बारे में पूछा था। इस पर उन्होंने बताया कि ये उपवास उन्हें कई वर्षों से ताकत और शक्ति दे रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
नवमी के साथ नौ दिन के नवरात्र खत्म होने के अगले दिन दशमी तिथि को यानी विजयादशमी को पीएम मोदी शस्‍त्र की भी पूजा करते हैं।

ये भी पढ़ें- नवरात्रि 2017: कहीं आप भी तो इस दिशा में नहीं रख रहें अखंड ज्योत, होता है अशुभ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें