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Narak Chaturdashi 2025: नरक चतुर्दशी पर यम दीप जलाते समय न करें ये गलती, जानें इसकी विधि और शुभ समय

Sat, 18 Oct 2025 03:28 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Narak Chaturdashi 2025: परंपरा के अनुसार दिवाली से एक दिन पहले यानी नरक चतुर्दशी के दिन यम दीप जलाने की परंपरा होती है। आइए जानते हैं यम का दीप जलाने के नियम और महत्व क्या है। 
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Narak Chaturdashi 2025 - फोटो : Amar Ujala
Yam Deep Jalane Ki Vidhi: नरक चतुर्दशी को अलग-अलग स्थानों पर छोटी दिवाली, रूप चौदस या छोटी दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व दीपावली से एक दिन पहले मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार इस दिन यम दीप जलाने की परंपरा होती है। हालांकि कुछ परिवारों में यम दीप धनतेरस की रात को भी जलाने का रिवाज है, जबकि कई लोग इसे दिवाली से एक दिन पहले जलाते हैं। ऐसे में आप अपने घर की प्रथा के अनुसार दीपक जला सकते हैं। यदि आपके घर में धनतेरस को यम दीप जलाने की परंपरा है, तो इसे 18 अक्तूबर की रात जलाएं और अगर आप इसे दीपावली से एक दिन पहले जलाते हैं, तो 19 अक्तूबर की शाम को यम दीप जलाना शुभ रहेगा।

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यम दीप जलाने का महत्व - फोटो : adobe stock
यम दीप जलाने का महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नरक चतुर्दशी की रात यमराज के नाम से दीपक जलाने से परिवार में अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। यह दीप यमराज को समर्पित होता है, इसलिए इसे जलाते समय सही दिशा और नियमों का ध्यान रखना आवश्यक होता है। 
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यम दीपक जलाने के नियम और विधि - फोटो : adobe stock
यम दीपक जलाने के नियम और विधि
चौमुखी दीपक जलाएं

यम दीप हमेशा चार मुख वाला होना चाहिए और उसमें चार बातियां लगाई जाती हैं। चार दिशाओं में प्रकाश फैलाने वाला यह दीप जलाने से यम देवता प्रसन्न होते हैं और घर के सभी सदस्यों को दुर्घटनाओं व असमय मृत्यु से रक्षा प्रदान करता है।

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यम दीपक जलाने के नियम और विधि - फोटो : adobe stock
सही दिशा और सामग्री
शास्त्रों में बताया गया है कि यम दीपक हमेशा दक्षिण दिशा में जलाना चाहिए क्योंकि यह दिशा यमराज की दिशा मानी जाती है। दीपक मिट्टी या आटे का बना होना शुभ होता है और इसे सरसों के तेल से जलाने की परंपरा है।

जलाएं 14 दीपक
नरक चतुर्दशी के दिन एक यम दीपक के साथ 14 अन्य दीपक भी जलाना अत्यंत मंगलकारी माना गया है। इन दीपों को घर के विभिन्न स्थानों पर जैसे, पूजाघर, रसोई, तुलसी के पास, मुख्य द्वार, पानी के स्थान, छत और बाथरूम में रखा जाता है। यह पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि लाने का प्रतीक माने जाते हैं।
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यम दीपक जलाने के नियम और विधि - फोटो : freepik
दीप रखने की विधि
यम दीप जलाने के बाद पहले उसे पूरे घर में घुमाएं, फिर उसे दक्षिण दिशा में घर के बाहर किसी साफ-सुथरे स्थान पर रख दें। इससे यमराज की कृपा प्राप्त होती है और परिवार की सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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