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Mohini ekadashi 2021: मोहिनी एकादशी पर बन रहा है बेहद ही शुभ योग, कार्यों में मिलेगी सफलता

Sun, 23 May 2021 07:22 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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मोहिनी एकादशी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। धर्म शास्त्रों में एकादशी को सभी व्रतों में श्रेष्ठ बताया गया है। प्रत्येक माह में दोनों पक्षों शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को एकादशी का व्रत किया जाता है। सभी एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती हैं लेकिन हर एकादशी का अपना एक अलग महातम्य होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। इस बार मोहिनी एकादशी का व्रत 23 मई 2021 को किया जाएगा। मान्यता है कि इस व्रत को करने से मनुष्य को मोहफंद से मुक्ति मिलती है और सभी कष्ट दूर होते हैं। इस बार मोहिनी एकादशी पर ग्रह नक्षत्र बहुत ही शुभ योग बन रहा है। यह योग कार्यों में सफलता दिलाने वाला होगा। जानते हैं मोहिनी एकादशी पर क्या योग बन रहा है और क्या हैं इस दिन के शुभ मुहूर्त।
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मोहिनी एकादशी 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
मोहिनी एकादशी के दिन बन रहा है ये शुभ योग
ज्योतिष के अनुसार इस बार मोहिनी एकादशी पर सिद्धि योग रहेगा। 23 मई यानी एकादशी तिथि को दोपहर 02 बजकर 58 मिनट तक सिद्धि योग रहेगा। इस दिन नक्षत्र कृतिका होगा। ज्योतिष में सिद्धि योग को बहुत ही शुभ योग माना जाता है। इस योग में किए गए कार्य सिद्ध होते हैं यानी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
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मोहिनी एकादशी 2021 (सांकेतिक तस्वीर)
मोहिनी एकादशी 2021 व्रत मुहूर्त-
एकादशी तिथि आरंभ- 22 मई 2021 दिन शनिवार सुबह 09 बजकर 15 मिनट से
एकादशी तिथि समाप्त : 23 मई 2021 दिन रविवार सुबह 06 बजकर 42 मिनट पर
एकादशी व्रत पारण मुहूर्त- 24 मई यानी द्वादशी तिथि को सुबह 05 बजकर 26 मिनट से सुबह 08 बजकर 10 मिनट तक

कुल पारण अवधि- 2 घंटे 44 मिनट
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मोहिनी एकादशी 2021 (सांकेतिक तस्वीर)
जानिए एकादशी पर क्या करें और क्या नहीं
  • एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा भी करें, यदि हो सके तो व्रत भी करें।
  • एकादशी तिथि और उससे एक दिन पहले एवं एक दिन बाद द्वादशी तक नियमों का पालन करना चाहिए। इन तीनों दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें।
  • एकादशी तिथि पर चावल खान वर्जित माना जाता है इसलिए इस दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • एकादशी तिथि पर क्रोध न करें और किसी के प्रति अपशब्दों का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए।
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