समुद्री तल से लगभग 7000 फुट की ऊंचाई पर स्थित इस शनिधाम में हर साल चमत्कार होता है।
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शनि के वक्री काल का प्रभाव देश पर गहरा पड़ेगा
पौराणिक कथाओं के अनुसार न्याय के देवता शनिदेव को हिंदू देवी यमुना का भाई माना जाता है। शनिदेव को न्याय का देवता भी कहा जाता है।
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shani dham
देवभूमि उत्तराखंड के खरसाली में मां यमुना के बड़े भाई शनिदेव का धाम स्थित है। जहां भगवान शनिदेव 12 महीने तक विराजमान रहते हैं। अपने कष्टों का दूर करने के लिए हर साल शनि मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
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yamunotri
इस मंदिर की कलाकृति बेहद ही प्राचीन है। इतिहासकार मानते हैं कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों ने करवाया है। यह मंदिर पांच मंजिला है, लेकिन बाहर से पता नहीं लग पाता। मंदिर के निर्माण में पत्थर और लकड़ी का उपयोग किया गया है।
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मंदिर में शनिदेव की कांस्य मूर्ति विराजमान है। शनि मंदिर में एक अखंड ज्योति मौजूद है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि इस अखंड ज्योति के दर्शन मात्र से ही जीवन के सारे दुख दूर हो जाते हैं। यमुनोत्री धाम से लगभग 5 किलोमीटर पहले ये मंदिर पड़ता है।
मंदिर पुरोहितों के अनुसार इस मंदिर में साल में एक बार कार्तिक पूर्णिमा के दिन अद्भुत चमत्कार होता है। इस दिन मंदिर के ऊपर रखे घड़े खुद बदल जाते हैं। पुरोहितों की मानें तो इस दिन जो भक्त शनि मंदिर में अपने कष्ट को लेकर आता है, उसके कष्ट हमेशा के लिए समाप्त हो जाते हैं।