केदारनाथ धाम में हजारों श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन हुए थे। इस लम्हे का गवाह जो भी बना वह चमत्कार से अभिभूत हो गया। 2017 में जब धाम के कपाट बंद किए गए तो वहां कुछ ऐसा हुआ कि हजारों भक्त आश्वर्य में पड़ गए।बीकेटीसी दावा है कि केदारनाथ धाम में मंदिर का मुख्य कपाट बंद करने में जब परेशानी हुई तो आराध्य भकुंड भैरव ने पश्वा पर अवतरित हो गए।
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ramnath kovind in kedarnath
बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह ने बताया कि केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर चांदी लगाई गई है। इससे दरवाजे के कुंडे नहीं लग पा रहे थे। कई प्रयास किए, लेकिन दरवाजे के कुंडे नहीं लगे।
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उन्होंने दावा किया कि जब कुंडी नहीं लगी तो उन्होंने और वयोवृद्ध तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती ने भगवान केदार के क्षेत्रपाल भकुंड भैरव का आह्वान किया। इसके बाद जो हुआ इस पर देखने वाले भी यकीन नहीं कर पाए।
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- फोटो : amarujala
कुछ ही पल में भकुंड भैरव अपने पश्वा अरविंद शुक्ला पर अवतरित हुए। पश्वा की ओर से कुंडे को स्पर्श करते ही दरवाजा दूसरे कुंडे से जुड़ गया। इसके बाद पदाधिकारियों और अधिकारियों की मौजूदगी में ताला लगाया गया।
बीकेटीसी के सीईओ ने बताया कि शीतकाल में केदारनाथ धाम की सुरक्षा भगवान भैरवनाथ के भरोसे होती है।इतना ही नहीं 2013 में आई आपदा के वक्त भी धाम में कई चमत्कार होने की बात कही जाती है।