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Masik Shivratri 2021: इस दिन है मासिक शिवरात्रि,जानें महत्व तिथि और पूजा विधि

Sat, 06 Feb 2021 08:09 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
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भगवान शिव (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का तो महत्व माना ही जाता है लेकिन हर माह पड़ने वाली शिवरात्रि भी बहुत महत्व रखती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस माह में 10 फरवरी 2021 दिन बुधवार को मासिक शिवरात्रि का व्रत किया जाएगा। भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए यह दिन बहुत शुभ रहता है। इस दिन व्रत करके भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत करने और पूजन करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं। तो चलिए जानते हैं मासिक शिवरात्रि का महत्व, पूजा विधि
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भगवान शिव - फोटो : अमर उजाला
शिवरात्रि का महत्व
जिन लोगों के विवाह में विलंब हो रहा हो उनके लिए मासिक शिवरात्रि का व्रत बहुत शुभफलदायी माना गया है। इस व्रत को करने से विवाह में आने वाली अड़चनें दूर होती हैं। माना जाता है कि इस दिन व्रत और विधि विधान से पूजन करने से कर्ज से मुक्ति प्राप्त होती है। मासिक शिवरात्रि की तिथि शिव जी को मनाने के लिए बहुत शुभ मानी गई है। मान्यता है कि इस दिन की गई आराधन से भगवान शिव शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सभी कष्टों का निवारण करते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
जानते हैं पूजा विधि
  • शिवरात्रि के दिन रात्रि जागरण का विशेष महत्व माना गया है इस दिन श्रद्धालुओं को रात्रि में जाग कर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। 
  • मासिक शिवरात्रि वाले दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि करने के पश्चात स्वच्छ वसत्र धारण करके व्रत का संकल्प लें। 
  • हो सके तो किसी शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव की सपरिवार माता पार्वती, गणेश जी, कुमार कार्तिकेय, और नंदी महाराज सहित पूजा करें।
  • शिवलिंग पर जल, शुद्ध घी, दूध, शक़्कर, शहद, दही आदि चीजों से शिव के पंचाक्षरी मंत्र का उच्चारण करते हुए अभिषेक करें। 
  • शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा और श्रीफल अर्पित करें।
  • शिव पूजा करने के पश्चात शिव पुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा और शिव श्लोक आदि का पाठ करना बहुत शुभ रहता है।
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lord shiva
व्रत पारण की विधि- 
  •  शिवरात्रि पर पूरे दिन व्रत करने के बाद जब दोनों बेला मिलती है उस समय पूजन करें। पूजन करने के बाद फलाहार करें। 
  • इस व्रत में अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए।
  • शिवरात्रि के दूसरे दिन प्रातः जल्दी उठें और भगवान शिव की पूजा एवं दान आदि करने के पश्चात व्रत का पारण करें।
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