भगवान राम ने कहा कि वनवास के दौरान जयंत की पत्नी को वह दर्शन देंगे। हनुमान जी राम का संदेश लेकर जयंत की पत्नी के पास पहुंचे। राम का आश्वासन पाकर जयंत की पत्नी ने पतंग वापस कर दी।
तिन सब सुनत तुरंत ही, दीन्ही दोड़ पतंग।
खेंच लइ प्रभु बेग ही, खेलत बालक संग।।