मकर संक्रांति में पुण्य काल का महत्व
मकर संक्रांति में पुण्यकाल स्नान, दान, मंत्र, जप तथा अन्य धार्मिक कार्यों के लिए विशेष महत्वपूर्ण है। सरल शब्दों में कहें तो इसे ही शुभ मुहूर्त कहा जाता है। इसमें भी महापुण्यकाल का समय बहुत सीमित है। महापुण्य काल की कुल अवधि तकरीबन दो घंटे तक रहेगी। जबकि पुण्य काल की अवधि पांच घंटों से भी अधिक की रहेगी।