हम सभी भगवान शिव और पार्वती के दो पुत्र कार्तिक और गणेश की ही कथा सुनते आये हैं लेकिन शिव और पार्वती के विवाह और उनसे होने वाले पुत्र के पीछे भी रोचक कहानी हैं। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु का विवाह ब्रह्म देव के पुत्र भृगु की पुत्री लक्ष्मी से हुआ था। वहीं ब्रह्मा के दूसरे पुत्र दक्ष की पुत्री सती का विवाह भगवान शिव से हुआ था लेकिन सती ने आग में कूद कर स्वयं को भस्म कर लिया था। तो सवाल ये है कि शिव के पुत्र कैसे हुए? सती की मृत्यु के बाद सती ने अपना दूसरा जन्म पर्वतराज हिमालय के यहाँ उमा के रूप में लिया था, जिससे भगवान शिव का विवाह हुआ और हिमालय की पुत्री उमा ही ‘पार्वती’ के नाम से जानी गयी। शिव पार्वती के विवाह के बाद उनका गृहस्थ जीवन शुरू हुआ और उन्हें पुत्र प्राप्त हुए।