वैसे तो महाभारत कौरवों और पांडवों के बीच हुए भयंकर युद्ध के लिए जाना जाता है। इस युद्ध में अनेक योद्धाओं की जानें गईं थी। आज हम आपको उस समय के एक ऐसे पात्र के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे पांडवों के हाथों मृत्यु मिली थी। वैसे इसका जन्म किसी एक माता की कोख से नहीं हुआ था। महाभारत ग्रंथ के अनुसार जरासंध का जन्म दो माताओं की कोख से हुआ था। क्या है इसकी पूरी कहानी आइए जानते हैं।
विज्ञापन
2 of 7
मगध में एक राजा बृहद्रनाथ था जिसकी दो रानियां थी, लेकिन उसकी कोई संतान नही थी। संतान पाने की इच्छा से वह ऋषि चंद्रकौशिक के आश्रम में उनकी सेवा करने लगा। फिर ऋषि ने प्रसन्न होकर उन्हें एक सेब दिया और रानी को खिलाने को कहा।
विज्ञापन
3 of 7
राजा अपनी दोनों रानियों को बहुत प्रेम करता था इसलिए उसने सेब के दो टुकड़े करके दोनों को दे दिए। सेब खाने के बाद दोनों रानियां गर्भवती हुईं।
4 of 7
प्रसव के बाद दोनों रानियों के गर्भ से आधे-आधे बच्चे का जन्म हुआ। दोनों रानियां घबराकर अपनी संतान को जंगल में फेंक आईंं।
विज्ञापन
5 of 7
जंगल में एक जरा नाम की जादूगरनी की नजर उस बच्चे पर पडी तो उसने अपने जादू से उस बालक के टुकड़ों को जोड़ दिया।
विज्ञापन
6 of 7
राजा बृहद्रनाथ को जब यह बात पता चली तो उसने अपने बच्चे का नाम उसी जादूगरनी के नाम पर 'जरासंध' रख दिया। और यही वह जरासंध है जिसने भीम के साथ युद्ध किया था और इन दोनो के बीच में 28 दिनों तक युद्ध चला था। अंत में भीम के हाथों से मारा गया।