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Mahashivratri 2021 : शिवलिंग और ज्योतिर्लिंग में होता है ये अंतर, जानें इससे जुड़ी पौराणिक कथा

Tue, 09 Mar 2021 08:02 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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महाशिवरात्रि 2021: भगवान शिव से जुड़े 12 ज्योतिर्लिंग - फोटो : अमर उजाला
महाशिवरात्रि का पावन पर्व भगवान शिवजी को समर्पित है। यह त्योहार प्रतिवर्ष फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-आराधना की जाती है। शिवजी के प्रतीक शिवलिंग का गंगा जल, दूध, पंचामृत आदि से अभिषेक किया जाता है। इस दिन भगवान शिव के मंदिरों में भक्तों का तांता लग जाता है। हिन्दू धर्म के पौराणिक शास्त्रों में शिवजी से जुड़े 12 ज्योतिर्लिंग के बारे में बताया गया है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर यहां भी भक्तों की भारी मात्रा भीड़ देखने को मिलती है। लेकिन क्या आप ज्योतिर्लिंग और शिवलिंग के बीच का अंतर जानते हैं। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
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महाशिवरात्रि 2021: ज्योतिर्लिंग और शिवलिंग में अंतर - फोटो : amar ujala
ज्योतिर्लिंग और शिवलिंग में अंतर
ज्योतिर्लिंग से संबंधित कथा का वर्णन शिवपुराण में मिलता है- कहते हैं एकबार ब्रह्मा जी और भगवान विष्णु जी में इस बात को लेकर विवाद हो गया कि दोनों में श्रेष्ठ कौन है,ऐसी स्थिति में दोनों का भ्रम दूर करने के लिए भगवान शिव एक महान ज्योति स्तंभ के रूप में प्रकट हुए, जिसकी थाह शिवजी और ब्रह्माजी नहीं पा सके। इसी को ज्योतिर्लिंग कहा गया। यहां ज्योतिर्लिंग से आशय भगवान शिव के ज्योति के रूप में प्रकट होने से है। ज्योतिर्लिंग स्वयंभू हैं जबकि शिवलिंग मानव द्वारा स्थापित अथवा स्वयंभू दोनों ही हो सकते हैं। देशभर में 12 ज्योतिर्लिंग हैं। मान्यता है कि इनके दर्शन मात्र से मनुष्य के समस्त प्रकार के पाप मिट जाते हैं। 
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सोमनाथ ज्योतिर्लिंग - फोटो : Social Media
1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग (गुजरात)
गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में स्थित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को पृथ्वी का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यहां पर देवताओं द्वारा बनवाया गया एक पवित्र कुंड भी है, जिसे सोमकुण्ड कहते हैं।

2. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग (आंध्र प्रदेश)
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल नाम के पर्वत पर स्थित है। 

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महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (मध्य प्रदेश) - फोटो : Social Media
3. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (मध्य प्रदेश)
उज्जैन (मध्य प्रदेश) में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है। ये एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। यहां प्रतिदिन होने वाली भस्मारती विश्व भर में प्रसिद्ध है। 

4. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (मध्य प्रदेश)
मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में शिव का यह पावन धाम स्थित है। इंदौर शहर के पास जिस स्थान पर यह ज्योतिर्लिंग है, उस स्थान पर नर्मदा नदी बहती है और पहाड़ी के चारों ओर नदी बहने से यहां ॐ का आकार बनता है। 
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केदारनाथ ज्योतिर्लिंग (उत्तराखंड) - फोटो : अमर उजाला
5. केदारनाथ ज्योतिर्लिंग (उत्तराखंड)
केदारनाथ स्थित ज्योतिर्लिंग उत्तराखंड में हिमालय की केदार नामक चोटी पर स्थित है। बाबा केदारनाथ का मंदिर बद्रीनाथ के मार्ग में स्थित है। 

6. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र)
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पुणे जिले में सह्याद्रि नामक पर्वत पर स्थित है। 
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बाबा विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग (उत्तर प्रदेश) - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
7. बाबा विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग (उत्तर प्रदेश)
बाबा विश्वनाथ का यह ज्योतिर्लिंग वाराणसी (उत्तर प्रदेश) शहर में स्थित है। 

8. त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र)
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित है। त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के निकट ब्रह्मागिरि नाम का पर्वत है। इसी पर्वत से गोदावरी नदी शुरू होती है। 
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नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (गुजरात) - फोटो : amarujala
9. वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग (झारखंड)
वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग झारखंड प्रांत के संथाल परगना में स्थित है। धार्मिक पुराणों में शिव के इस पावन धाम को चिताभूमि कहा गया है। 

10 नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (गुजरात)
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात के बड़ौदा क्षेत्र में गोमती द्वारका के करीब स्थित है। धार्मिक पुराणों में भगवान शिव को नागों का देवता बताया गया है और नागेश्वर का अर्थ होता है नागों का ईश्वर। द्वारका पुरी से नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की दूरी 17 मील की है। 
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रामेश्वरम् ज्योतिर्लिंग (तमिलनाडु) - फोटो : social media
11. रामेश्वरम् ज्योतिर्लिंग (तमिलनाडु)
भगवान शिव का यह ग्यारहवां ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु के रामनाथम नामक स्थान में स्थित है। रामेश्वरतीर्थ को ही सेतुबंध तीर्थ भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना स्वयं भगवान श्रीराम ने की थी। भगवान श्री राम द्वारा स्थापित किए जाने के कारण इस ज्योतिर्लिंग को भगवान राम का नाम रामेश्वरम दिया गया है।

12. घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र)
घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के संभाजीनगर के समीप दौलताबाद के पास स्थित है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से यह अंतिम ज्योतिर्लिंग है। इस स्थान को ‘शिवालय’ भी कहा जाता है।
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