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शारदीय नवरात्रि 2026: महाअष्टमी और महानवमी किस दिन मनाई जाएगी? जानें सही तारीख और पूजा मुहूर्त

Wed, 14 Oct 2026 01:58 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

शारदीय नवरात्रि 2026 में महाअष्टमी और महानवमी की तारीख को लेकर असमंजस है? जानें कब मनाई जाएगी दुर्गा अष्टमी और महानवमी, किस दिन होगा कन्या पूजन और क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त।
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shardiya navratri - फोटो : amar ujala

शारदीय नवरात्रि में महाअष्टमी और महानवमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इन दोनों तिथियों पर मां दुर्गा के भक्त पूजा-अर्चना, कन्या पूजन और हवन जैसे धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। हालांकि, इस बार अष्टमी और नवमी की तारीख को लेकर लोगों के मन में असमंजस है। ऐसे में कई भक्त यह जानना चाहते हैं कि कन्या पूजन रविवार को करना उचित रहेगा या सोमवार को। वहीं, व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के मन में पारण और हवन के समय को लेकर भी सवाल हैं। आइए जानते हैं पंचांग की गणना के अनुसार महाअष्टमी और महानवमी कब मनाई जाएगी और इन दिनों पूजा का क्या महत्व है।

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mahashtami aur mahanavami - फोटो : amar ujala

महाअष्टमी और महानवमी 2026 कब है?
पंचांग की गणना के मुताबिक 18 अक्तूबर को सुबह 8 बजकर 29 मिनट के बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। इसके बाद 19 अक्तूबर को सुबह 10 बजकर 52 मिनट तक अष्टमी तिथि रहेगी। ऐसे में उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए 19 अक्तूबर को महाअष्टमी से जुड़े पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। इसी दिन मां दुर्गा को खोंचा अर्पित करने की परंपरा भी निभाई जा सकती है। वहीं, 20 अक्तूबर को उदया तिथि में नवमी का संयोग बनेगा। नवमी तिथि दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहने की जानकारी दी गई है। ऐसे में नवमी के दिन कन्या पूजन करने वाले श्रद्धालु इस समय से पहले पूजा संपन्न करने की योजना बना सकते हैं। हवन और व्रत पारण के लिए भी तिथि के अनुसार उचित समय का ध्यान रखना जरूरी है।

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अष्टमी और नवमी पर किस देवी की पूजा होती है? - फोटो : freepik

अष्टमी और नवमी पर किस देवी की पूजा होती है?
शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर मां दुर्गा के आठवें और नौवें स्वरूप की पूजा की जाती है। अष्टमी पर मां महागौरी और नवमी पर मां सिद्धिदात्री की आराधना का विधान है।

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महाअष्टमी पर मां महागौरी की पूजा - फोटो : Amar Ujala

महाअष्टमी पर मां महागौरी की पूजा
मां महागौरी को शांति, पवित्रता और सौम्यता का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। महाअष्टमी के दिन कई परिवार कन्या पूजन करते हैं और छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर भोजन कराते हैं। इसके साथ ही उन्हें उपहार और दक्षिणा देने की परंपरा भी प्रचलित है।

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महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की आराधना - फोटो : Amar Ujala

महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की आराधना
नवरात्रि की नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सिद्धि, ज्ञान, शक्ति और समृद्धि प्रदान करने वाली देवी माना गया है। इस दिन भक्त विशेष पूजा-अर्चना और हवन करते हैं। कई श्रद्धालु महानवमी पर कन्या पूजन भी करते हैं और इसके बाद अपने व्रत का पारण करते हैं।

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अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन कब करें? - फोटो : istock

अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन कब करें?
महाअष्टमी और महानवमी दोनों ही दिनों में कन्या पूजन करने की परंपरा है। कुछ परिवार अष्टमी पर कन्या पूजन करते हैं, जबकि कुछ लोग नवमी के दिन यह अनुष्ठान पूरा करते हैं। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार दिन का चयन करना चाहिए। यदि आप अष्टमी पर कन्या पूजन करना चाहते हैं, तो 19 अक्तूबर की तिथि और स्थानीय पूजा मुहूर्त की पुष्टि कर लें। वहीं, नवमी के दिन पूजन करने वाले श्रद्धालु 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से पहले अनुष्ठान पूरा करने के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय तय करें।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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