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Magh Mela 2026: माघ मेले के पावन अवसर पर करें ये 5 दान, खुशियां और आशीर्वाद होंगे साथ

Sat, 27 Dec 2025 07:11 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Magh Mela 2026 Daan Upay: माघ मेले में संगम स्नान के साथ दान का विशेष महत्व है। 3 जनवरी से 15 फरवरी तक माघ मेले में किए गए गुप्त दान, अन्न दान और सेवा से पितृ प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि व ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है।
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माघ मेला पर करें दान - फोटो : amar ujala

Magh Mela Donation: माघ मेला भारतीय सनातन परंपरा का एक अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक आयोजन है, जिसमें संगम तट पर स्नान, तप, साधना और दान का विशेष महत्व होता है। साल 2026 में माघ मेले की शुरुआत 3 जनवरी से हो रही है और इसका समापन 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर अंतिम स्नान के साथ होगा। इस पूरे काल में श्रद्धालु दूर-दूर से आकर गंगा स्नान करते हैं और पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। माना जाता है कि माघ मास में किया गया प्रत्येक शुभ कर्म कई गुना फल प्रदान करता है।
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माघ मेले में स्नान के साथ-साथ दान का भी विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार इस समय किया गया दान न केवल व्यक्ति को ईश्वर की कृपा दिलाता है, बल्कि पितरों को भी तृप्त करता है। जरूरतमंदों को दान देना, साधु-संतों की सेवा करना और श्रद्धा भाव से किए गए कर्म जीवन में सुख-समृद्धि और शांति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। यही कारण है कि माघ मेले को पुण्य कमाने का श्रेष्ठ अवसर माना गया है।

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गुप्त दान से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और भाग्य का साथ मिलता है। - फोटो : adobe stock

गुप्त दान
धार्मिक शास्त्रों में गुप्त दान को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। गुप्त दान का अर्थ है बिना किसी दिखावे और पहचान के दान करना, ताकि दान लेने वाले को भी यह न पता चले कि दान किसने दिया है। माघ मेले के दौरान किया गया गुप्त दान कई गुना फल देने वाला माना जाता है। ऐसा दान व्यक्ति के अहंकार को दूर करता है और ईश्वर की विशेष कृपा दिलाता है। मान्यता है कि गुप्त दान से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और भाग्य का साथ मिलता है।

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अन्न का दान - फोटो : Adobe Stock

अन्न का दान
अन्न दान को सभी दानों में श्रेष्ठ माना गया है, इसलिए इसे महादान कहा जाता है। माघ मेले में अन्न का दान करने से भूखे और जरूरतमंद लोगों को भोजन मिलता है, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अन्न दान से भगवान प्रसन्न होते हैं और पितृ भी संतुष्ट होते हैं। कहा जाता है कि जो व्यक्ति अन्न दान करता है, उसके घर में कभी भोजन की कमी नहीं होती और समृद्धि बनी रहती है।

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बिस्तर का दान

बिस्तर का दान
माघ मेले के समय रजाई, कंबल, गद्दा, चरपाई जैसे बिस्तर से जुड़ी वस्तुओं का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है। विशेष रूप से सर्दी के मौसम में यह दान जरूरतमंदों के लिए बहुत सहायक होता है। बिस्तर का दान करने से जीवन में स्थिरता और संतुलन आता है। इसके साथ ही व्यक्ति को मानसिक शांति और आत्मिक संतोष की अनुभूति होती है।

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वस्त्रों का दान - फोटो : AdobeStock

वस्त्रों का दान
माघ मेले में जरूरतमंदों को वस्त्र दान करना भी पुण्यकारी माना गया है। साफ और उपयोगी कपड़ों का दान करने से गरीब और असहाय लोगों को राहत मिलती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वस्त्र दान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह दान समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।

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तिल का लड्डू - फोटो : Adobe Stock

तिल का दान
माघ मेले के दौरान तिल का दान विशेष महत्व रखता है। तिल को पवित्र माना गया है और इसका संबंध सूर्य देव से बताया गया है। तिल या तिल से बने लड्डुओं का दान करने से सूर्य भगवान की कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और व्यक्ति को करियर, व्यापार और जीवन के अन्य क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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