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Lalahi Chhath 2022 Date: इस साल ललही छठ कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Tue, 12 Jul 2022 11:36 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजला, नई दिल्ली
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इस साल ललही छठ कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
Hal Sashti 2022 Date, Shubh Muhurat and Puja Vidhi: हिंदू धर्म में हर साल भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हरछठ का त्योहार मनाया जाता है। इसे हलषष्ठी, ललई छठ या ललही छठ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। धार्मिक मान्यता के अनुसार, द्वापरयुग में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से पहले शेषनाग ने बलराम के अवतार में जन्म लिया था। हरछठ का व्रत पुत्रों की दीर्घ आयु और उनकी सम्पन्नता के लिए किया जाता है। ऐसे में ये पूजन सभी पुत्रवती महिलाएं करती हैं। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को करने से पुत्र पर आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं। इस व्रत में महिलाएं प्रति पुत्र के हिसाब से छह छोटे मिट्टी के बर्तनों में पांच या सात भुने हुए अनाज या मेवा भरती हैं और विधि-विधान से पूजा करती हैं। इस साल हलषष्ठी कब है, कैसे की जाती है पूजा? चलिए जानते हैं... 
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इस साल ललही छठ कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
ललही छठ या हरछठ का त्योहार भाद्र मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी को मनाया जाता है। षष्ठी तिथि 17 अगस्त दिन बुधवार को शाम 6 बजकर 50 मिनट से प्रारंभ होगी। षष्ठी तिथि का समापन 18 अगस्त को रात्रि 8 बजकर 55 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार 18 अगस्त को हरछठ का व्रत रखा जाएगा। 
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इस साल ललही छठ कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व - फोटो : istock
हरछठ पूजा विधि
हलषष्ठी वाले दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद साफ कपड़े पहनकर गोबर ले आएं। फिर साफ जगह पर गोबर से पुताई  कर तालाब बनाएं। इस तालाब में झरबेरी, ताश और पलाश की एक-एक शाखा बांधकर बनाई गई हरछठ को गाड़ दें। अंत में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करें। 

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इस साल ललही छठ कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
पूजा के लिए सात तरह के अनाज जैसे गेहूं, जौ, अरहर, मक्का, मूंग और धान चढ़ाएं इसके बाद हरी कजरियां, धूल के साथ भुने हुए चने चढ़ाएं। आभूषण और हल्दी से रंगा हुआ कपड़ा भी चढ़ाएं। फिर भैंस के दूध से बने मक्खन से हवन करें। अंत में हरछठ की कथा सुनें।
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इस साल ललही छठ कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व - फोटो : iStock
महिलाएं पड़िया वाली भैंस के दूध से बने दही और महुआ को पलाश के पत्ते पर खा कर व्रत का समापन करती हैं। इस व्रत को करने से व्रती को धन, ऐश्वर्य आदि की प्राप्ति भी होती है।
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