सालभर धार्मिक कार्यों में आती है काम
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सालभर धार्मिक कार्यों में आती है काम
कुशाग्रहणी अमावस्या के दिन प्राप्त की गई कुशा को पूरे साल सुरक्षित रखने की परंपरा है। पूजा-पाठ से लेकर श्राद्ध कर्म, पितृ तर्पण, हवन, यज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में जरूरत के अनुसार इसका इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रकार कुशाग्रहणी अमावस्या केवल एक तिथि नहीं, बल्कि हिंदू धार्मिक परंपरा में सालभर के धार्मिक कार्यों के लिए पवित्र कुशा को संचित करने का विशेष अवसर मानी जाती है।
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