जन्माष्टमी 2022
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यह प्रसंग अगासुर के वध के बाद है। भगवान बालकृष्ण ने जंगल में गाय बछड़े चराते हुए जब अगासुर का वध किया तो उन्हें भूख लग आई। ऐसे में जो ग्वालबाल कलेवा लेकर गए थे, उसी में वह खाने लगे। चूंकि भगवान ने ग्वालों और उनके गौवंश की जान बचाई थी, इसलिए वह काफी उत्साहित थे। इसी उत्साह के चलते वह अपना जूठन भी भगवान को खिलाने लगे और स्नेहवस भगवान भी बड़े प्रेम से खाए जा रहे थे। यह दृश्य ब्रह्मलोक से ब्रह्माजी ने देखा तो वह हैरान रह गए कि आखिर कैसे स्वयं नारायण इस गंदगी में प्रसाद पा रहे है, भगवान किसी का जूठन नहीं खा सकते।