फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूजा-पाठ के कार्यों में नहीं करना चाहिए स्टील के बर्तनों का प्रयोग, जानिए क्यों

Mon, 18 Jan 2021 08:22 AM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
worship
हिंदू धर्म में हर व्यक्ति अपने घर में एक छोटा सा मंदिर अवश्य बनाता है ताकि वह नियमित रूप से अपने इष्ट का ध्यान कर सके। पूजा पाठ में बहुत सारी चीजों और अलग-अलग धातुओं के बर्तन का उपयोग किया जाता है। इसलिए पूजा से जुड़ी हर एक चीज का ध्यान रखना बहुत आवश्यक होता है। हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार, पूजा-पाठ में प्रयोग कि जाने वाली हर एक चीज बहुत ही शुद्ध-पवित्र होनी चाहिए। इसलिए इस बात का ध्यान रखना भी आवश्यक होता है कि पूजा में आप किस धातु के बर्तनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ज्यादातर लोग दैनिक पूजा पाठ में स्टील के बर्तनों का प्रयोग करते हैं लेकिन स्टील के बर्तनों का प्रयोग करना सही नहीं माना गया है। तो चलिए जानते हैं कि पूजा करते समय क्यों नहीं करना चाहिए, स्टील के बर्तनों का उपयोग और पूजा के लिए किस धातु के बर्तन रहते हैं सही...
 
विज्ञापन

2 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर
पूजा में न करें इन धातुओं के बर्तनों का उपयोग
माना जाता है कि पूजा पाठ उपयोग की जाने वाली अलग-अलग धातु के अनुसार ही फल की प्राप्ति होती है। पूजा-पाठ के कार्यों में स्टील, लोहा और एल्युमिनियम के बर्तन अशुभ माने जाते हैं, साथ इन धातुओं की बनी हुआ देवी-देवताओं की प्रतिमा भी पूजा के लिए शुभ नहीं मानी गई हैं।
 
विज्ञापन

3 of 4
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
क्यों नहीं करते हैं इन धातुओं का उपयोग
पूजा-पाठ के कार्यों में इन धातुओं के उपयोग न करने के पीछे कारण है कि पूजा के लिए प्राकृतिक धातुएं शुभ मानी गई हैं। जबकि स्टील मानव द्वारा निर्मित धातु हैं तो वहीं लोहे में जंग लग जाती है। जिसके कारण ये पूजा योग्य धातु नहीं मानी गई हैं। इसके अलावा एल्युमिनियम की धातु से भी कालिख निकलती है। इसलिए इन धातुओं का प्रयोग सही नहीं माना जाता है। 
विज्ञापन

4 of 4
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
पूजा-पाठ में करना चाहिए इन धातु के बर्तनों का उपयोग     
पूजा-पाठ में सोने, चांदी, पीतल, तांबे के बर्तनों का उपयोग करना सही माना जाता है। इसके पीछे यह कारण है कि ये सब धातुएं प्राकृतिक रूप से पाई जाती हैं। इसके अलावा इनके उपयोग का कोई नुकसान भी नहीं होता है साथ ही मना जाता है कि ये धातुएं केवल जलाभिषेक से ही शुद्ध हो जाती हैं। यदि आप सोने चांदी की धातु का उपयोग नहीं कर सकते हैं, तो पीतल या तांबे की धातु का उपयोग करना चाहिए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें