भगवान शिव
इस बार प्रदोष व्रत शुक्रवार के दिन पड़ रहा है, इसलिए यह व्रत सौभाग्य और सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला होगा। इस व्रत को करने से जीवन में किसी प्रकार से कोई अभाव नहीं रहता है। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल यानि संध्या के समय सूर्यास्त से लगभग एक घंटे पहले से लेकर सूर्यास्त के बाद तक की जाती है।