घर में या मंदिर में जब भी कोई खास पूजा करें तो अपने इष्टदेव के साथ ही स्वास्तिक, कलश, नवग्रह देवता, पंच लोकपाल, षोडश मातृका व सप्त मातृका की पूजा जरूर करें। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि पूजन स्थल के ऊपर कोई कबाड़ या भारी चीज ना रखें। गंगाजल, तुलसी के पत्ते, बिल्वपत्र और कमल, ये चारों चीजें किसी भी अवस्था में बासी नहीं होते। इसलिए इनका उपयोग पूजा के दौरान किसी भी समय किया जा सकता है। इन चारों चीजों के अलावा भगवान को कभी भी बासी जल, फूल और पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए।