फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

kartik purnima 2020: कार्तिक पूर्णिमा के दिन जरूर करें ये कार्य, बनी रहती है सुख-समृद्धि

Fri, 27 Nov 2020 07:42 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
कार्तिक पूर्णिमा 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : amarujala
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का विशेष महत्व माना गया है। इस बार कार्तिक मास की पूर्णिमा का स्नान 30 नवंबर को किया जाएगा। कार्तिक का माह शुरु होते ही एक के बाद एक त्योहार आरंभ हो जाते हैं। कार्तिक पूर्णिमा इस माह का अंतिम पर्व होता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का अंत किया था, जिसके कारण उनका नाम त्रिपुरारी पड़ा। इसलिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दिवाली भी मनाई जाती है। इस दिन दान और स्नान का बहुत महत्व माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन कुछ कार्य अवश्य करने चाहिए। इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। जानते हैं...
विज्ञापन

2 of 5
कार्तिक पूर्णिमा 2020 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : ani
कार्तिक पूर्णिमा पर अपने घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई करनी चाहिए। इस दिन घर को व्यवस्थित रखना चाहिए और अपने मुख्य द्वार को भी सजाना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। जिससे आपके घर में समृद्धि आती है। 
विज्ञापन

3 of 5
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करते श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीपदान अवश्य करना चाहिए। इस दिन दीपदान करने का बहुत महत्व माना गया है, आप किसी नदी या सरोवर में दीपदान कर सकते हैं। यदि आपके घर के पास नदी नहीं है तो आप किसी मंदिर में जाकर दीपदान करें। इससे आपकी परेशानियां दूर होती हैं। परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

4 of 5
कार्तिक पूर्णिमा 2020 - फोटो : SELF
पूर्णिमा के दिन अपने घर के मुख्य द्वार के सामने स्वास्तिक अवश्य बनाएं। इस दिन विष्णु भगवान के साथ मां लक्ष्मी की पूजा अवश्य करें। मां लक्ष्मी की कृपा से आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं और भगवान विष्णु की कृपा से आपके घर में सुख का वास होता है।  
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
kartik purnima
कार्तिक पूर्णिमा के दिन दान का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन चावल, दूध और शक्कर का दान करना चाहिए। थोड़ी सी शक्कर दूध और चावल नदी में भी प्रवाहित करना चाहिए। इससे आपको पुण्य फल की प्राप्ति होती है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें