फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

27 अक्तूबर से शुरू होगा कार्तिक मास, ब्रह्म मुहूर्त में करें ये काम, जानें तुलसी पूजा और व्रत के नियम

Wed, 21 Oct 2026 05:52 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

कार्तिक मास 2026 की शुरुआत 27 अक्टूबर से मानी जा रही है। हिंदू धर्म में इस महीने का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि कार्तिक मास में ब्रह्म मुहूर्त में स्नान, भगवान विष्णु की पूजा और तुलसी पूजन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। जानें कार्तिक मास का महत्व, पूजा के नियम और इस दौरान किन परंपराओं का पालन करना चाहिए।

विज्ञापन
1 of 7
कार्तिक माह 2026 प्रारंभ तिथि - फोटो : AI

Kartik Month 2026 Start Date: हिंदू धर्म में कार्तिक मास को बेहद पवित्र माना जाता है। इस महीने में भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा, तुलसी आराधना, स्नान, दान और दीपदान का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास में श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा-पाठ करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में कार्तिक मास कब से शुरू होगा, कब समाप्त होगा और इस दौरान किन धार्मिक नियमों का पालन करना चाहिए।

Trending Videos
विज्ञापन

2 of 7
Kartik Purnima - फोटो : amar ujala

कब से शुरू होगा कार्तिक मास 2026?
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक मास की शुरुआत 27 अक्टूबर 2026 से मानी जा रही है। इसका समापन 24 नवंबर 2026 को कार्तिक पूर्णिमा के दिन होगा। इस पूरे महीने में भक्त भगवान विष्णु की आराधना करने के साथ स्नान, दान और दीपदान जैसे पुण्य कार्य करते हैं। वैष्णव परंपरा में कार्तिक मास को दामोदर मास भी कहा जाता है। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की पूजा और भक्ति का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस महीने में किए गए धार्मिक कार्यों से आध्यात्मिक लाभ मिलता है और मन में सकारात्मकता बढ़ती है।

विज्ञापन

3 of 7
कार्तिक मास में ब्रह्म मुहूर्त में करें यह काम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

कार्तिक मास में ब्रह्म मुहूर्त में करें यह काम

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • स्नान के बाद भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण का ध्यान करें।
  • तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाएं और श्रद्धापूर्वक पूजा करें।
  • अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करें।
  • दिन की शुरुआत मंत्र जाप, भजन या धार्मिक ग्रंथों के पाठ से करें।

4 of 7
कार्तिक महीने में तुलसी पूजन को विशेष फलदायी माना जाता है। - फोटो : Adobe Stock

कार्तिक मास में तुलसी पूजा का महत्व
कार्तिक महीने में तुलसी पूजन को विशेष फलदायी माना जाता है। हिंदू मान्यताओं में तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप और भगवान विष्णु को प्रिय माना गया है। इसलिए इस दौरान तुलसी के पौधे की पूजा करने, उसके समीप दीपक जलाने और भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि तुलसी की नियमित पूजा से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। भक्त इस महीने में सुबह-शाम तुलसी के पास दीपक जलाकर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।

विज्ञापन

5 of 7
कब मनाया जाएगा तुलसी विवाह 2026?

कब मनाया जाएगा तुलसी विवाह 2026?
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष में देवउठनी एकादशी के अवसर पर तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है। इस दिन माता तुलसी और भगवान शालिग्राम के विवाह की परंपरा है। कई स्थानों पर इसे विवाह के शुभ कार्यों की शुरुआत से भी जोड़कर देखा जाता है। वर्ष 2026 में तुलसी विवाह की तिथि बताने से पहले स्थानीय पंचांग का मिलान करना जरूरी है, क्योंकि इसकी तिथि और अनुष्ठान का समय क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार अलग हो सकता है।

विज्ञापन

6 of 7
कार्तिक मास में किन नियमों का पालन करें?

कार्तिक मास में किन नियमों का पालन करें?

1. सात्विक भोजन करें: कई श्रद्धालु इस महीने में प्याज, लहसुन और अन्य तामसिक माने जाने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करते हैं। अलग-अलग परंपराओं में खानपान के नियम भिन्न हो सकते हैं।
2. संयम और अनुशासन रखें: अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार ब्रह्मचर्य का पालन करना, नियमित दिनचर्या बनाए रखना और इंद्रियों पर संयम रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।
3. जरूरतमंदों की सहायता करें: गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र या जरूरी सामग्री दान करना पुण्य कार्य माना जाता है।
4. किसी की निंदा करने से बचें: इस महीने में मन, वचन और कर्म की शुद्धता पर विशेष जोर दिया जाता है। इसलिए दूसरों के प्रति कटु वचन बोलने और अनावश्यक विवाद से बचना चाहिए।
5. भजन-कीर्तन और मंत्र जाप करें: भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण का स्मरण, धार्मिक ग्रंथों का पाठ और भजन-कीर्तन करना कार्तिक मास की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है।6. दीपदान करें: कार्तिक मास में मंदिरों और घरों में दीपक जलाने की परंपरा है। इसे श्रद्धा, प्रकाश और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
कार्तिक मास क्यों माना जाता है खास? - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कार्तिक मास क्यों माना जाता है खास?
कार्तिक मास को भक्ति, सेवा, संयम और दान का महीना माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु अपनी दिनचर्या में अच्छे कार्यों को शामिल करने और आध्यात्मिक साधना पर ध्यान देने का प्रयास करते हैं। तुलसी पूजा, भगवान विष्णु की आराधना, स्नान-दान और दीपदान इस महीने की प्रमुख परंपराएं हैं। यदि आप भी कार्तिक मास में व्रत या पूजा करने की योजना बना रहे हैं, तो अपने परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथियों तथा पूजा के समय की पुष्टि कर लें।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें