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Jyeshtha Maas 2022 Vrat Tyohar: आज से आरंभ है ज्येष्ठ माह, देखें इस महीने के सभी व्रत और त्योहारों की लिस्ट

Tue, 17 May 2022 01:10 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हिन्दू पंचांग के आधार पर आज 17 मई, 2022 से ज्येष्ठ का महीना आरंभ हो रहा है। - फोटो : अमर उजाला
Jyeshtha Month 2022 Vrat and Tyohar List: हिन्दू पंचांग के आधार पर आज 17 मई, 2022 से ज्येष्ठ का महीना आरंभ हो रहा है। ज्येष्ठ माह 14 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा। ज्येष्ठ मास का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस माह में सूर्यदेव बहुत ही प्रभावशाली स्थिति में रहते हैं। मान्यतानुसार सूर्य देव की ज्येष्ठता के कारण इस महीने को ज्येष्ठ कहा जाता है।  यह माह ब्रह्मा जी को भी भी अतिप्रिय है। ज्येष्ठ मास में हनुमानजी की पूजा भी विशेष फलदायी होती है और इस माह से



बड़ा मंगल भी आरंभ होता है। यह माह सूर्य उपासना और रविवार व्रत रखकर भगवान सूर्य को प्रसन्न करने का सबसे उत्तम है। ज्येष्ठ मास में कई व्रत-त्योहार आने वाले हैं। इस माह में एकदंत संकष्टी चतुर्थी व्रत, अपरा या अचला एकादशी, मासिक शिवरात्रि, शनि जयंती, सोमवती अमावस्या, वट सावित्री व्रत पड़ेंगे।  आइए जानते हैं ज्येष्ठ मास में कौन-कौन से व्रत-त्योहार पड़ेंगे। 
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ज्येष्ठ मास में कई व्रत-त्योहार आने वाले हैं।
ज्येष्ठ माह (17 मई से 14 जून) 2022 के व्रत एवं त्योहार
  • 17 मई, मंगलवार: ज्येष्ठ माह प्रारंभ, प्रतिपदा तिथि, बड़ा मंगलवार व्रत
  • 19 मई, गुरुवार: एकदंत संकष्टी चतुर्थी
  • 22 मई, रविवार: मासिक कालाष्टमी व्रत
  • 26 मई, गुरुवार: अपरा एकादशी
  • 27 मई, शुक्रवार: प्रदोष व्रत
  • 28 मई, शनिवार: मासिक शिवरात्रि
  • 30 मई, सोमवार: ज्येष्ठ अमावस्या, वट सावित्री व्रत, शनि जयंती
  • 03 जून, शुक्रवार: विनायक चतुर्थी
  • 07 जुलाई, गुरुवार: मासिक दुर्गाष्टमी व्रत
  • 09 जून, गुरुवार: गंगा दशहरा
  • 10 जून, शुक्रवार: निर्जला एकादशी
  • 12 जून, रविवार: प्रदोष व्रत
  • 14 जून, मंगलवार: ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत, वट पूर्णिमा व्रत
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ज्येष्ठ मास में इस बार पांच बड़े मंगल मिलेंगे। - फोटो : amar ujala
बड़ा मंगलवार व्रत: हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, दशरथनंदन श्री राम पहली बार हनुमान जी से ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को ही मिले थे, इसलिए इसे बड़ा मंगलवार के नाम से जाना जाता है। ज्येष्ठ माह का आरंभ 17 मई यानि आज से है और समापन 14 जून को है। इस साल ज्येष्ठ महीने की खास बात यह है कि इसका प्रारंभ और समापन दोनों मंगलवार के दिन होगा। ज्येष्ठ मास में इस बार पांच बड़े मंगल मिलेंगे। इस वर्ष 17 मई, 24 मई, 31 मई, 7 जून और 14 जून को बड़े मंगल पड़ रहे हैं।

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इस साल एकदंत संकष्टी चतुर्थी 19 मई दिन गुरुवार को है। - फोटो : amar ujala
एकदंत संकष्टी चतुर्थी: ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को एकदंत संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस साल एकदंत संकष्टी चतुर्थी 19 मई दिन गुरुवार को है। इस दिन भक्तगण सुख, शांति और समृद्धि के लिए एकदन्त दयावन्त चार भुजा धारी भगवान श्री गणेश की विधि विधान से पूजा-आराधना करते हैं। 
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कामदा एकादशीअपरा एकादशी का व्रत नियम और निष्ठा से करने से सभी पापों का नाश होता है।  - फोटो : अमर उजाला
अपरा एकादशी: ज्येष्ठ मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है। इसे अचला एकादशी भी कहते हैं। इस साल अपरा एकादशी का व्रत 26 जून 2022, दिन गुरुवार को किया जाएगा। धार्मिक मान्यता अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत नियम और निष्ठा से करने से सभी पापों का नाश होता है। 
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वट सावित्री व्रत को विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी जीवन के लिए रखती हैं।  - फोटो : amar ujala
वट सावित्री व्रत: इस साल वट सावित्री व्रत मई महीने की 30 तारीख, सोमवार को रखा जाएगा। हिन्दू धर्म में इस व्रत का खास महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण बचाए थे। इसलिए वट सावित्री व्रत को विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी जीवन के लिए रखती हैं। 
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ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में दसवीं तिथि को मां गंगा अवतरित हुई थीं। - फोटो : prayagraj
गंगा दशहरा: इस बार गंगा दशहरा 9 जून को पड़ रहा है और इस दिन गंगा में स्नान करने से लोगों को पापों से मुक्ति मिलती है। गंगा दशहरा के दिन मां गंगा का पूजन किया जाता है और इस दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में दसवीं तिथि को मां गंगा अवतरित हुई थीं और इसी उपलक्ष्य में गंगा दशहरा मनाया जाता है। 
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