Jyeshta Month 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह को तीसरा महीना माना जाता है। इस माह में जहां सूर्य का प्रकोप काफी बढ़ जाता है। वहीं इस माह में सूर्य देव और वरुण देव की पूजा करने का विशेष लाभ मिलता है। बता दें कि ज्येष्ठ मास 17 मई से शुरू हुआ था जोकि 14 जून तक चलेगा। शास्त्रों में ज्येष्ठ मास का काफी अधिक महत्व है। क्योंकि इन माह में सबसे बड़े दिन होते हैं। इसके साथ ही इसी माह में भगवान श्री राम की मुलाकात उनके परमभक्त हनुमान जी से हुई थी। इसी कारण इस माह में भगवान बजरंगबली की पूजा करने का विधान है। हिन्दू पंचांग के मुताबिक 31 मई 2022, मंगलवार से ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष आरंभ हो चुका है। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष के बारे में शास्त्रों में बताया गया है कि ज्येष्ठ मास भगवान विष्णु के प्रिय मास में से एक है। इस माह लोगों को बहुत से कार्य करने से मना किए गए हैं। इसलिए जेष्ठ माह में वर्जित कार्य नहीं करने चाहिए इससे माता लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसे कौन से कार्य हैं जिन्हें भूलकर भी ज्येष्ठ माह में करने से बचना चाहिए।