Jivitputrika Vrat 2022 Niyam: प्रत्येक वर्ष अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जीवित्पुत्रिका या जितिया व्रत रखा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, जितिया का व्रत कठिन व्रतों में एक होता है। ये व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु के लिए रखती हैं। जितिया व्रत निर्जला होता है। माताएं अपने बच्चों की समृद्धि और उन्नत जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। ये व्रत नहाय खाय से शुरू होकर व्रत और पारण के बाद पूरा होता है। इस साल 18 सितंबर को ये व्रत रखा जाएगा। इस व्रत में अन्न-जल का त्याग कर माताएं संतान की दीर्घायु, आरोग्य और सुखी जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। धर्म शास्त्रों के अनुसार, जितिया व्रत के दौरान कई नियमों का पालन करना जरूरी होता है, क्योंकि इस दौरान हुई गलती से आपका व्रत निष्फल भी हो सकता है। आइए जानते हैं जितिया व्रत के नियम...