अश्विन मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन जीवित्पुत्रिका का व्रत किया जाता है। 2020 में यह व्रत 10 सितंबर को रखा जाएगा। इस व्रत को सुहागन स्त्रियां अपनी संतान को कष्टों से बचाने और लंबी आयु की मनोकामना के लिए करती हैं, इस व्रत को निर्जला किया जाता है। कुछ जगहों पर इसे जितिया या जिउतिया व्रत के नाम से भी जाना जाता है। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में यह व्रत प्रमुखता से रखा जाता है। आइए जानते हैं इस व्रत की पौराणिक कथा