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जन्माष्टमी से पहले घर ले आएं ये 5 शुभ चीजें, कान्हा की कृपा से घर में बढ़ेगी सुख-समृद्धि

Mon, 31 Aug 2026 01:07 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

मान्यता है कि जन्माष्टमी से पहले कुछ वस्तुओं को घर लाने से सकारात्मक वातावरण बना रहता है और भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति भाव मजबूत होता है। आइए जानते हैं जन्माष्टमी से पहले किन 5 चीजों को घर लाना शुभ माना जाता है।
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कान्हा के जन्मोत्सव से पहले घर लाएं ये 5 शुभ चीजें - फोटो : AI
हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस वर्ष जन्माष्टमी का पावन पर्व 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और मध्यरात्रि में बाल गोपाल की पूजा-अर्चना करके उनके जन्म का उत्सव मनाते हैं।

जन्माष्टमी को लेकर घरों में कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो जाती हैं। अगर आप भी इस बार कान्हा के स्वागत की तैयारी कर रहे हैं, तो पूजा की सामग्री के साथ कुछ ऐसी वस्तुएं घर ला सकते हैं, जिन्हें धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन वस्तुओं को घर में रखने से सकारात्मक वातावरण बना रहता है और भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति भाव मजबूत होता है। आइए जानते हैं जन्माष्टमी से पहले किन 5 चीजों को घर लाना शुभ माना जाता है।
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मोर पंख - फोटो : Adobe stock
1. मोर पंख
भगवान कृष्ण के स्वरूप में मोर पंख का विशेष महत्व है। उन्हें अक्सर मुकुट में मोर पंख धारण किए हुए दिखाया जाता है। जन्माष्टमी से पहले घर में मोर पंख लाकर इसे पूजा स्थान पर रखा जा सकता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मकता बढ़ती है। ज्योतिषीय मान्यताओं में मोर पंख का संबंध राहु से भी माना जाता है। इसलिए राहु से जुड़े अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए इसे कृष्णजी को अर्पित करने का उपाय किया जाता है।
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कृष्ण जी की बांसुरी - फोटो : Adobe Stock
2. कृष्ण जी की बांसुरी
बांसुरी भगवान कृष्ण की पहचान से जुड़ी प्रमुख वस्तुओं में से एक है। जन्माष्टमी से पहले लकड़ी की छोटी बांसुरी खरीदकर उसे पूजा स्थल पर बाल गोपाल के समीप रखा जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, बांसुरी प्रेम, मधुरता और आपसी सामंजस्य का प्रतीक है। इसे घर में रखने से परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और सौहार्द बना रहने की कामना की जाती है।

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तुलसी का पौधा - फोटो : Adobe Stock
3. तुलसी का पौधा
भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा में तुलसी को अत्यंत पवित्र माना गया है। जिन घरों में तुलसी का पौधा नहीं है, वहां जन्माष्टमी से पहले इसे लगाया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी घर के वातावरण को पवित्र बनाती है और पूजा-पाठ में सकारात्मक भाव बढ़ाती है।
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गाय-बछड़े की मूर्ति - फोटो : instagram
4. गाय-बछड़े की मूर्ति
कृष्णजी के बाल स्वरूप का संबंध गोकुल, गायों और गोपाल जीवन से रहा है। इसी कारण गाय-बछड़े की छोटी प्रतिमा को भी कृष्ण भक्ति से जोड़ा जाता है। इसे घर के पूजा स्थल या किसी स्वच्छ स्थान पर रखा जा सकता है। मान्यता है कि यह परिवार में प्रेम, संरक्षण और समृद्धि का प्रतीक है।
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लड्डू गोपाल की मूर्ति - फोटो : adobe stock
5. लड्डू गोपाल की मूर्ति
अगर आपके घर में अभी तक बाल गोपाल की प्रतिमा नहीं है, तो जन्माष्टमी से पहले इसे घर लाया जा सकता है। हालांकि लड्डू गोपाल की सेवा में दैनिक पूजा, भोग, वस्त्र और श्रृंगार जैसी परंपराओं का पालन किया जाता है। इसलिए उन्हें तभी घर लाएं, जब आप नियमित रूप से उनकी सेवा कर सकें। जन्माष्टमी के दिन बाल गोपाल को नए वस्त्र और आभूषण पहनाकर विशेष पूजा की जा सकती है।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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