shri krishna
और यदि तीनों बाणों को प्रयोग में लाया गया तो तीनों लोगों में हाहाकार मच जाएगा। लेकिन ब्राम्हण भेषधारी कृष्ण ने इस बात पर भरोसा ना करते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो तुम इस पीपल के पेड़ के सारे पत्तों को एक ही बाण से भेदकर दिखाओ, जिसके नीचे हम दोनों खड़े हैं। बर्बरीक ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए तरकश से एक बाण निकालकर ईश्वर को यादकर चला दिया। उस बाण ने क्षणभर में ही सारे पीपल के पत्तों को भेद दिया और श्रीकृष्ण के पैरों के इर्द-गिर्द नाचने लगा। दरअसल, श्रीकृष्ण ने एक पीपल के पत्ते को पैरों के नीचे छुपा लिया था। जिसकी वजह से वो बाण अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए ही वहां मंडरा रहा था। इस पर बर्बरीक ने उन्हें पैर को हटाने लेने का आग्रह किया और कहा कि इस बाण से आपके पैर को भी चोट पहुंच सकती है।