आज से विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा शुरू हो चुकी है। यात्रा का समापना 20 जुलाई को देवशयनी एकादशी के दिन होगा। धार्मिक दृष्टि से जगन्नाथ रथ यात्रा का विशेष महत्व है। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा जिसे गुण्डीचा यात्रा, पतितपावन यात्रा, जनकपुरी यात्रा, नवदिवसीय यात्रा तथा दशावतार यात्रा के नाम से भी जाना जाता है। हर साल पुरी (उड़ीसा) में जगन्नाथ रथ यात्रा का विशाल आयोजन होता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, पुरी यात्रा हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को निकाली जाती है। कहते हैं कि इस यात्रा के माध्यम से भगवान जगन्नाथ साल में एक बार प्रसिद्ध गुंडिचा माता के मंदिर में जाते हैं। यात्रा में भगवान जगन्नाथ का स्मरण किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अपनी राशि के अनुसार, भगवान जगन्नाथ से जुड़े मंत्र का जप करके आप उनकी कृपा दृष्टि प्राप्त कर सकते हैं। ये मंत्र इस प्रकार हैं -
नीलांचल निवासाय नित्याय परमात्मने।
बलभद्र सुभद्राभ्याम् जगन्नाथाय ते नमः।।