हिन्दू धर्म के 16 संस्कारों में एक संस्कार है गर्भधारण जिसमें शास़्त्रों में बताए गए नियम के अनुसार धर्म पति पत्नी अपनी भावी पीढ़ी के आगमन की योजना बनाकर मिलन करते हैं। शास्त्रों में गर्भधारण संस्कार में मुंडन, उपनयन, विवाह की तरह ही दिन तिथि और मुहूर्त का ध्यान रखने की बात कही गई है। क्योंकि गलत मुहूर्त दिन और तिथि में गर्भधारण से उत्पन्न संतान परिवार एवं माता-पित के लिए कष्ट हो सकते हैं।