एकादशी के दिन व्रत करने वालों के पितर नीच योनि से मुक्त हो जाते है और अपने परिवारवालों को आशीर्वाद देते है। इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति रहती है। इस व्रत को करने से धन-धान्य और पुत्रादि की वृद्धि होती है। कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन आनंद से परिपूर्ण हो जाता है। एकादशी व्रत करने से भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार पूर्वकाल में जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ।