har ki pauri 2
ऐसे मिला ब्रह्मा का वरदान
पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा स्वेत ने हर की पौड़ी में भगवान ब्रह्मा की घोर तपस्या की थी। जिससे प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने उनसे वरदान मांगने को कहा था। तब राजा स्वेत ने उनसे हर की पौड़ी को ईश्वर के नाम से जाना जाए, ऐसा वरदान मांगा। उसी समय से हर की पौड़ी के पानी को ब्रह्मकुंड के नाम से जाना जाता है।