दर्श अमावस्या 2025
- फोटो : adobe stock
दर्श अमावस्या का महत्व
दर्श अमावस्या का दिन पितरों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन श्रद्धा से तर्पण, पिंडदान और ब्राह्मण भोजन कराने से पितर तृप्त होते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। जिन लोगों की जन्म कुंडली में पितृ दोष होता है, उनके लिए दर्श अमावस्या पर किया गया श्राद्ध और तर्पण विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। इससे पितृ दोष के कारण जीवन में आ रही परेशानियाँ कम होती हैं और नकारात्मक प्रभाव धीरे-धीरे समाप्त होने लगते हैं।
इस दिन किया गया स्नान, दान और जप-पाठ सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक पुण्य फल देने वाला होता है। पितरों की कृपा से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और मानसिक शुद्धता आती है। साथ ही परिवार में चल रही कलह, आर्थिक तंगी और अन्य संकट भी दूर होते हैं। कुल मिलाकर, दर्श अमावस्या एक ऐसा अवसर है जब हम पितरों को श्रद्धा से स्मरण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं, जिससे जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।