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Holika Dahan 2026: होलिका दहन में इन पेड़ों की लकड़ियों से बचें, वरना हो सकता है नुकसान

Sat, 21 Feb 2026 04:01 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और 3 मार्च 2026 को पवित्र अग्नि के साथ मनाया जाएगा। यह अग्नि नकारात्मक शक्तियों को नष्ट कर सुख-समृद्धि लाने वाली मानी जाती है। श्रद्धालुओं को चेतावनी दी गई है कि कुछ विशेष वस्तुएं अग्नि में न डालें, ताकि पर्व सुरक्षित और शुभ तरीके से मनाया जा सके।
 
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Holika Dahan 2026 - फोटो : Adobe Stock
Holika Dahan 2026: हिंदू धर्म में होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी लोगों को एक साथ जोड़ता है। श्रद्धालु इस दिन अग्नि के चारों ओर पूजा-अर्चना करते हैं और अपने जीवन से नकारात्मकताओं का नाश करने की कामना करते हैं। होलिका दहन की अग्नि को पवित्र माना जाता है और इसे जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति लाने वाला शक्ति स्त्रोत माना जाता है।
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हालांकि, धार्मिक शास्त्रों में कुछ वस्तुओं को अग्नि में डालने से बचने की चेतावनी भी दी गई है। ऐसा माना जाता है कि इन वस्तुओं को डालने से जीवन में परेशानियां, नकारात्मक ऊर्जा और अनिष्ट की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए इस पर्व के दौरान सावधानी बरतना आवश्यक है और केवल शुभ और पवित्र वस्तुएं ही अग्नि में अर्पित करनी चाहिए। 
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Holika Dahan 2026 - फोटो : Adobe Stock
किन पेड़ों की लकड़ियों से बचें
होलिका दहन के लिए लकड़ियों का चुनाव बेहद सावधानी से करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ पेड़ ऐसे हैं जिनका इस्तेमाल अग्नि में करना अशुभ माना जाता है। इन पेड़ों की लकड़ियों को जलाने से अनिष्ट और परेशानियों की संभावना बढ़ सकती है। विशेष रूप से इन पेड़ों की लकड़ियों से बचें:
  • पीपल
  • शमी
  • आम
  • आंवला
  • नीम
  • केला
  • अशोक
  • बेल
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holika dahan 2026 - फोटो : adobe stock
किन लकड़ियों और सामग्री का इस्तेमाल करें
  • होलिका दहन में कुछ लकड़ियों और सामग्री का उपयोग शुभ माना गया है।
  • सूखी टहनियों वाली लकड़ियां: किसी भी सूखे पेड़ की टहनियां जलाने के लिए उपयुक्त होती हैं।
  • एरंड और गूलर के पेड़: गूलर को शुभ माना जाता है; इसकी सूखी टहनियों का इस्तेमाल कीड़े या अन्य समस्याओं से बचाता है।
  • गाय के गोबर के कंडे: पूजा-पाठ में विशेष महत्व रखते हैं और इन्हें जलाने से वातावरण शुद्ध रहता है।
  • खर पतवार: यह पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है और आसपास की सफाई सुनिश्चित करता है।

 
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Holika Dahan 2026 - फोटो : adobe stock
सुरक्षित और शुभ होलिका दहन
सही लकड़ियों और सामग्री का चयन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्व को सुरक्षित, शुभ और आनंदमय बनाने में भी सहायक होता है। इस सावधानी के साथ होलिका दहन करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और अनिष्ट से बचाव होता है।



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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